[ad_1]
ऐप पर पढ़ें
Prayagraj Shootout: माफिया अतीक अहमद के लापता दोनों नाबालिग बेटे बाल संरक्षण गृह में मिले हैं। वे दो दिन से वहीं पर बंद हैं। प्रयागराज पुलिस ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को भेजी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम ने इस मामले की सुनवाई के लिए छह मार्च की तारीख तय की है। पुलिस ने दोनों नाबालिग बच्चों को उमेश पाल हत्याकांड में आरोपित नहीं किया है। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर और जिला कचहरी में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके दोनों नाबालिग बेटों को अवैध तरीके से हिरासत में रखा है।
शाइस्ता ने अर्जी के जरिए कोर्ट को बताया था कि 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद पुलिस उनके दोनों नाबालिग बेटों को घर से लेकर चली गई थी। पुलिस उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है। कोर्ट ने धूमनगंज पुलिस से दो मार्च तक रिपोर्ट मांगी। दो मार्च को कोर्ट में सिपाही आख्या लेकर पहुंचा और कोर्ट को अवगत कराया कि अतीक के बेटे थाने में नहीं हैं। अधिवक्ताओं ने सिपाही की आख्या का विरोध किया तो कोर्ट ने फिर से रिपोर्ट मांगी।
शनिवार को धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्या ने कोर्ट को बताया कि उमेश पाल समेत तीन लोगों की हत्या में अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन नामजद आरोपी हैं। 24 फरवरी की शाम को पुलिस को सूचना मिली कि अतीक के दोनों बेटे कसारी मसारी में मौजूद हैं। इन्हें नाबालिग मानते हुए दो मार्च को बाल संरक्षण गृह में दाखिल कराया गया। पुलिस का कहना है कि बच्चों के मां-बाप के आने पर उन्हें सुपुर्द किया जाएगा।
मां-बेटे फरार
उमेश पाल मर्डर केस में अतीक के परिवार में कई लोग नामजद हैं। इनमें अतीक की पत्नी शाइस्ता और बेटा असद फरार है। अतीक के बेटे असद पर ही गोली मारने का आरोप है। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित है।
[ad_2]
Source link