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हाइलाइट्स
7 घंटे से कम नींद डायबिटीज के जोखिम को 40 प्रतिशत ज्यादा बढ़ा देता है.
नींद के कारण कई तरह के शारीरिक फंक्शन पर असर पड़ता है.
Why Fasting Blood Sugar Cross 150 mg / dl: विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक विश्व में करीब 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. इसके साथ ही करीब 15 लाख लोगों की मौत हर साल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डायबिटीज के कारण होती है. डायबिटीज के कारण हार्ट संबंधी दिक्कतें पैदा हो जाती है और इससे आंखों की नसों पर भी असर पड़ता है. गंभीर स्थिति आने पर किडनी फेल्योर तक का खतरा बढ़ जाता है. डायबिटीज में ब्लड शुगर सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है. दरअसल, इस किसी व्यक्ति में नॉर्मल फास्टिंग ब्लड शुगर 100 mg / dLसे नीचे होना चाहिए. जब यह 130 से आगे बढ़ जाए तो यह डायबिटीज की बीमारी है. कई बार लोग दवाई करते हैं, एक्सरसाइज करते हैं और हेल्दी डाइट भी लेते हैं, इसके बावजूद कुछ लोगों की शिकायत रहती है कि उनका फास्टिंग शुगर लेवल 150 से ज्यादा है.
इंडियन एक्सप्रेस ने मैक्स हेल्थकेयर के एंडोक्रिनोलॉजी एंड डायबिटीज विभाग के प्रमुख डॉ. अंबरीश मित्तल के हवाले से बताया है कि इसके लिए मुख्य रूप से नींद जिम्मेदार हो सकती है. नींद के कारण कई तरह के शारीरिक फंक्शन पर असर पड़ता है. नींद आप किस तरह से ले रहे हैं, इसका न सिर्फ ब्लड शुगर बल्कि कई चीजों पर असर पड़ता है.
कम नींद लेने वाले युवाओं में भी डायबिटीज का खतरा
डॉ. अंबरीश मित्तल ने बताया कि जब भी हमारे पास इस तरह के मरीज आते हैं और कहते हैं कि उन्होंने हेल्दी डाइट ली है, रोजाना एक्सरसाइज की है, दवाई भी खाई है, इसके बावजूद फास्टिंग शुगर लेवल 150 से ज्यादा है. ऐसे सवालों पर मेरा सिंपल जवाब होता है क्या आपने रात में पर्याप्त नींद ली है या रात में देर रात या अधिक भोजन किया है. इस पर मरीज बताते हैं कि डॉक्टर साहब सब कुछ तो ठीक है लेकिन प्रेशर और तनाव के कारण रात में अच्छी नींद नहीं होती. डॉ. अबरीश मित्तल ने बताया कि यही वह कारण है जिसकी वजह से फास्टिंग ब्लड शुगर 150 से ज्यादा हो जाता है. उन्होंने बताया कि कई ऐसे अध्ययन हुए हैं जिनमें पाया गया है कि कम नींद की वजह से शुगर का लेवल हाई हो जाता है.
डॉ. अंबरीश मित्तल ने कहा कि युवा भी अगर रात में 7 घंटे से कम नींद ले या सप्ताह में 40 घंटे से कम नींद ले तो उनमें डायबिटीज होने का जोखिम 40 प्रतिशत ज्यादा हो जाता है. उन्होंने कहा कि नींद जब रात में नहीं होती तो घ्रेलिन हार्मोन ज्यादा बनने लगता है. यह हार्मोन भूख को बढ़ाता है. वहीं लेप्टिन हार्मोन कम हो जाता है जो तृप्ति का संकेत देता है. यानी जब लेप्टिन हार्मोन कम होगा तो खाने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिलेगी और मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ेगी. इससे मोटापा भी बढ़ जाएगा. मोटापा और ब्लड शुगर का बढ़ना जीवन को खतरे में डाल सकता है.
क्या करें कि फास्टिंग ब्लड शुगर न बढ़ें
डॉ. अंबरीश मित्तल ने बताया कि अगर लाइफस्टाइल सही है और हेल्दी डाइट भी लेते हैं, इसके बावजूद भी फास्टिंग ब्लड शुगर बढ़ जाता है तो इसकी वजह नींद की कमी और तनाव है. इन दोनों चीजों को दूर करना होगा. रात में अच्छी नींद के लिए रोजाना एक ही समय पर सोए और जागे. सोने से पहले मोबाइल, टीवी या गैजेट्स को साथ न रखें, मनपसंद किताबें पढ़ें या मनपसंद संगीत सुनें. अगर थकान ज्यादा है तो रात में सोने से पहले गुनगुने पानी से नहा सकते हैं. हालांकि यह सबके लिए फायदेमंद नहीं है.
बिस्तर पर खाना न खाएं और कुछ काम भी न करें. फोन को साइलेंट कर दें. कमरे का तापमान अपने हिसाब से एडजस्ट करें. कमरे की रोशनी को मद्धिम नीली कर दें. रात को शराब, सिगरेट न पीएं. 9 बजे से पहले रात का भोजन कर लें. इसके अलावा तनाव दूर करने के लिए योगा, मेडिटेशन का सहारा लें. अगर खुद से नहीं हो पाता है तो किसी मेडिटेशन सेंटर में कुछ दिनों का कोर्स कर लें.
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Tags: Diabetes, Health, Health tips, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : March 09, 2023, 13:08 IST
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