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हाइलाइट्स
साहित्य अकादमी साहित्योत्सव में 40 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे.
साहित्योत्सव में लगभग 60 भाषाओं का प्रतिनिधित्व शिरकत करेंगे.
बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी.
साहित्य अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने बताया कि साहित्योत्सव भारतीय साहित्य और संस्कृति की एकता विषय पर केंद्रित है. उन्होंने बताया कि इससे पहले आयोजित होने वाले साहित्योत्सव के मुकाबले इस बार पूर्वोत्तरी, आदिवासी सम्मेलन, युवा साहिती, आओ कहानी बुनें, एलजीबीटीक्यू सम्मेलन और राष्ट्रीय संगोष्ठी जैसे कुछ नए विषय भी जोड़े गए हैं.
सचिव के. श्रीनिवासराव ने बताया कि इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय ‘महाकाव्यों की स्मृतियां, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण’ रहेगा. इसमें हिंदी के प्रख्यात कवि, आलोचक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी उद्घाटन वक्तव्य देंगे और प्रख्यात सामाजिक सिद्धांतकार आशीष नंदी बीज वक्तव्य देंगे.
मातृभाषा के महत्त्व को ध्यान में रखते हुए मातृभाषा के महत्त्व पर, भारत में आदिवासी समुदायों के महाकाव्य, संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति आदि पर भी परिचर्चा रखी गई है. इन कार्यक्रमों में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और प्रख्यात उद्योगपति तथा लेखक सुनीलकांत मुंजाल, प्रख्यात उर्दू लेखक अब्दुस समद, मैथिली और हिंदी लेखिका उषाकिरण खान उपस्थित रहेंगी.
साहित्योत्सव में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में सुरजीत पातर, लीलाधर जगूड़ी, आशीष नंदी, शीन काफ़ निज़ाम, अभिराज राजेंद्र मिश्र, वाई.डी. थोंगछी, अर्जुनदेव चारण, मोहन आगाशे, केतन मेहता, दयाप्रकाश सिन्हा, सोनल मानसिंह, जतिन दास, मृणाल मिरी, अतुल तिवारी, वेद प्रताप वैदिक, आलोक मेहता, अशोक घोष जैसे नामचीन लोग शिरकत करेंगे.
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Tags: Hindi Literature, Hindi Writer, Literature
FIRST PUBLISHED : March 09, 2023, 18:30 IST
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