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देश के ज्यादातर हिस्सों में लोग फ्लू जैसी परेशानियों से पीड़ित हैं। लगभग हर कोई बुखार, खांसी, बहती नाक और बदन दर्द से पीड़ित है। बदलते मौसम में मौसमी फ्लू हो सकता है। अब भारत में H3N2 इन्फ्लूएंजा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो लोगों में फ्लू के लक्षणों में इस तेजी से वृद्धि के पीछे एक मुख्य कारण ज्यादा ठंड से गर्म मौसम में तेजी से बदलाव है। डब्लूएचओ की मानें तो H3N2 इन्फ्लुएंजा ए वायरस का एक वैरिएंट है, जो मुख्य रूप से मनुष्यों को प्रभावित करता है। इसके लक्षण बेहद सामन्य है। यहां जानिए इसके लक्षण और कैसे हो सकता है बचाव-
क्या हैं इसके लक्षण
H3N2 के लक्षण बेहद सामान्य हैं। इसमें खांसी, बुखार, ठंड लगना, जी मिचलाना, उल्टी करना, गले में खराश/गले में दर्द, दस्त, बहती नाक, छींक आना शामिल है। गंभीर मामलों में, संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में मुश्किल, सीने में दर्द/बेचैनी, खाना निगलने में कठिनाई और लगातार बुखार का अनुभव हो सकता है। अगर कोई इन लक्षणों का अनुभव कर रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
किन लोगों के लिए है घातक
H3N2 वायरस बेहद संक्रामक हो सकता है और एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने, छींकने या बात करने पर निकलने वाली बूंदों के माध्यम से फैलता है। यह तब भी फैल सकता है जब कोई ऐसी सतह से संपर्क करने के बाद अपने मुंह या नाक को छूता है जिस पर वायरस था। गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्ग वयस्कों, और अंतर्निहित चिकित्सा समस्याओं वाले व्यक्तियों को फ्लू से संबंधित परेशानियों का ज्यादा खतरा होता है।
संक्रमित होने से कैसे करें खुद का बचाव
ये संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के थूक की ड्रॉपलेट्स से फैलता है। इस संक्रमण को रोकने के लिए सही सफाई बनाए रखना जरूरी है।
– बचाव के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें और सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनें।
– अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएं, खासकर खाने से पहले और कहीं यात्रा के बाद।
– अगर आप अपने हाथ नहीं धो सकते हैं तो हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
– खुद के बचाव के लिए संक्रमित लोगों के पास जाने से बचें।
खांसी-बुखार में दिख रहें H3N2 के लक्षण तो ना लें खुद से एंटीबायोटिक, इस तरह से करे बचाव
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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