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काशी के महाश्मशान पर साढ़े तीन सौ साल पुरानी परंपरा का निर्वहन मंगलवार की रात किया गया। जलती चिताओं के सामने ही स्टेज सजा और नगर वधुओं ने नृत्य और गीतों से बाबा मसाननाथ को से आस्था अर्पित की।
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काशी के महाश्मशान पर साढ़े तीन सौ साल पुरानी परंपरा का निर्वहन मंगलवार की रात किया गया। जलती चिताओं के सामने ही स्टेज सजा और नगर वधुओं ने नृत्य और गीतों से बाबा मसाननाथ को से आस्था अर्पित की।
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