Home Life Style क्या है सूर्य, शनि, गुरु और शुक्र वलय, इस तरह होता है निर्माण, लोगों की जिंदगी करता है प्रभावित

क्या है सूर्य, शनि, गुरु और शुक्र वलय, इस तरह होता है निर्माण, लोगों की जिंदगी करता है प्रभावित

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क्या है सूर्य, शनि, गुरु और शुक्र वलय, इस तरह होता है निर्माण, लोगों की जिंदगी करता है प्रभावित

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हाइलाइट्स

शनि का वलय शनि की उंगली को घेरता हुआ छल्ला होता है.
शनि का वलय बहुत कम लोगों के हाथों में पाया जाता है.

Shani, Surya, Shukra, Guru Valay in Hand : मनुष्य के हाथों में ऐसी बहुत सी रेखाएं और चिन्ह होते हैं जिनको पढ़कर हस्त रेखा शास्त्री उस व्यक्ति के जीवन के बारे में सटीक जानकारी दे सकते हैं. उनमें से एक चिन्ह होता है वलय. मनुष्य के हाथों में बनने वाले ये वलय बहुत अहम होते हैं. यह मनुष्य के जीवन पर सीधा और बड़ा असर डाल सकते हैं. यह एक तरह के छल्लेदार आकृति होती है और हस्तरेखा शास्त्र में इन्हें बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जाता है. 4 प्रकार के ये वलय अलग-अलग तरीकों से मनुष्य के जीवन पर प्रभाव डालते हैं. भोपाल निवासी ज्योतिष आचार्य एवं हस्तरेखा शास्त्री विनोद सोनी पोद्दार बता रहे हैं हाथों में बनने वाले वलय मनुष्य के जीवन में क्या असर डालते है.

वलय के प्रकार

हस्तरेखाविदों के अनुसार हाथों में चार प्रकार के वलय पाए जाते हैं, सूर्य का वलय, शुक्र का वलय, शनि का वलय और बृहस्पति का वलय.

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1. सूर्य का वलय : हाथों में सूर्य पर्वत के नीचे पाया जाने वाला छल्ला सूर्य का वलय कहलाता है. यह छल्ला अनामिका उंगली के नीचे पाया जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह वलय सूर्य को कमजोर करता है. इससे सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा में कमी होती है, और नकारात्मक गुण बढ़ते हैं. हाथ में इस वलय के होने से व्यक्ति को अपशय मिलने की संभावना बनी रहती है. जिस भी व्यक्ति के हाथ में सूर्य का यह वलय होता है. उसका जीवन अत्यंत साधारण होता है, और ऐसे व्यक्तियों को अपने जीवन में कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ता है. ऐसे में व्यक्ति को किसी विद्वान ज्योतिष की सलाह से अनामिका उंगली में सोने या तांबे का छल्ला पहनना चाहिए.

2. बृहस्पति का वलय : हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार बृहस्पति का वलय शुभ माना जाता है. बृहस्पति की उंगली मतलब तर्जनी उंगली को घेरता हुआ यह छल्ला हाथ में बना होता है. यह छल्ला व्यक्ति को आध्यात्मिक दिशा में बढ़ाता है. यदि किसी व्यक्ति के हाथ में यह वलय है. तो इससे कभी-कभी व्यक्ति बैरागी या सन्यासी भी हो जाता है.

3. शुक्र का वलय : शुक्र का वलय, सूर्य के बगल से शुरू होता है, और शनि के बगल तक जाता है. यह वलय व्यक्ति को सौंदर्य और आकर्षण के प्रति आसक्त करता है. जिन लोगों के हाथों में शुक्र का यह वलय होता है. उनके चरित्र में कमजोरी की संभावना रहती है. यह वलय व्यक्ति को बेहद संवेदनशील बनाता है. ऐसे लोगों को हीरा पहनने से बचना चाहिए.

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4. शनि वलय : शनि का यह वलय शनि की उंगली को घेरता हुआ छल्ला होता है. शनि का वलय बहुत कम लोगों के हाथों में पाया जाता है. इसका प्रारंभ तर्जनी उंगली और मध्यमा उंगली के बीच से होता है. यह वलय व्यक्ति की स्वाभाविक प्रकृति को रोकता है, जिससे व्यक्ति एक कार्य को लंबे समय तक करने में सक्षम नहीं हो पाता. यह वलय शनि की समस्याओं को भी बढ़ाता है. जिससे व्यक्ति के जीवन में संघर्ष भी बढ़ता है.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Predictions, Religion

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