Home World Aliens on Earth : इंसानों को सिग्नल भेज रहे एलियंस, 2023 में धरती पर कदम रखेगा दूसरी दुनिया का प्राणी, अजीबोगरीब दावे कितने सच्चे?

Aliens on Earth : इंसानों को सिग्नल भेज रहे एलियंस, 2023 में धरती पर कदम रखेगा दूसरी दुनिया का प्राणी, अजीबोगरीब दावे कितने सच्चे?

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Aliens on Earth : इंसानों को सिग्नल भेज रहे एलियंस, 2023 में धरती पर कदम रखेगा दूसरी दुनिया का प्राणी, अजीबोगरीब दावे कितने सच्चे?

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वॉशिंगटन : अब तक धरती के अलग-अलग हिस्सों पर एलियंस के देखे जाने का दावा किया जा चुका है। अब इन दावों के आधार पर एक नया दावा सामने आया है। कहा जा रहा है कि 2023 ही वह साल है जब एलियंस अंततः धरती पर उतरेंगे। अलग-अलग लोग लंदन, लास वेगास और ब्राजील में यूएफओ देखने का दावा कर चुके हैं। हालांकि इन दावों में कितनी सच्चाई है, यह कहना मुश्किल है। अब तक दुनिया में एलियंस से जुड़े किसी भी दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है। लेकिन ‘यूएफओ हंटर’ मैट वेल्स का कहना है कि ‘एलियंस हमें मैसेज भेज रहे’ हैं।

डेलीस्टार की खबर के अनुसार, वेल्स ने कहा, ‘मेरा मानना है कि हम एलियंस को हमारी सोच से कहीं पहले ही धरती को ओर आते देख सकते हैं।’ लास वेगास, पेरिस का आइफल टॉवर, ब्राजील, चिली और जापान के आसमान में कुछ ‘असामान्य घटनाएं’ देखी जा चुकी हैं। मैट इसके बारे में कहते हैं, ‘दुनिया के कुछ सबसे प्रसिद्ध जगहों पर इन घटनाओं को लगातार देखा जा रहा है और रिपोर्ट किया जा रहा है।

2023 में एलियंस के आने के दावे

बड़ी संख्या में यूएफओ हंटिंग ग्रुप्स, जिनका एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं है, वे एक ही बात की रिपोर्ट कर रहे हैं।’ मैट के पास अपने दावों के समर्थन में कोई भी वैज्ञानिक सबूत नहीं है। लेकिन वह अकेले नहीं हैं जो इस तरह के दावे कर रहे हैं। एथोस सालोमे नाम के एक ‘स्व-घोषित भविष्यवक्ता’ ने भी इसी तरह का दावा किया था। सालोमे ने कहा था कि एलियंस अमेरिका के टॉप-सीक्रेट एरिया 51 एयर बेस पर स्थित एक अंडरग्राउंड पोर्टल से बाहर आ सकते हैं।

‘आज का नास्त्रेदमस’ कितना सच्चा?

36 साल के एथोस सालोमे को ‘आज का नास्त्रेदमस’ कहा जाता है। सालोमे की कई भविष्यवाणियां सच भी साबित हो चुकी हैं। कोरोना महामारी हो या ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन कई वैश्विक घटनाओं के बारे में उन्होंने पहले ही बता दिया था। यूक्रेन युद्ध के बारे में भी एथोस सालोमे ने भविष्यवाणी की थी। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने जून में घोषणा की थी कि वह यूएफओ को लेकर अपना पहला अध्ययन शुरू कर रहे हैं।

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