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मियामी: ब्राजील की राजधानी ब्राजीलिया (Brasilia Riots) में पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के समर्थकों ने दंगे और उत्पात के लिए ऑनलाइन प्रचार-प्रसार किया था, लोगों से राष्ट्रीय राजधानी में इकट्ठा होने का आह्वान किया था. अमेरिकन न्यूज एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस (AP) की एक रिपोर्ट के मुताबिक ‘बीच ट्रिप’ नाम के मैप को एक सार्वजनिक टेलीग्राम चैनल के 18,000 से अधिक सदस्यों तक पहुंचाया गया था. इस टेलीग्राम चैनल का नाम पुर्तगाली में ‘हंटिंग एंड फिशिंग’ था. टेलीग्राम चैनल में शेयर किए गए ब्राजील के नक्शे में 43 शहरों के उन स्थानों को चिन्हित किया गया था, जहां से राजधानी ब्राजीलिया के लिए बसें मिलती हैं. प्रमोटर्स ने लोगों को ब्राजीलिया आने के लिए यह कहकर लुभाया था कि 8 जनवरी को वहां एक बड़ी ‘पार्टी’ होगी.
टेलीग्राम चैनल पर प्रसारित पोस्ट में कहा गया, ‘बच्चों और बुजुर्गों को आमंत्रित नहीं किया जाता है. केवल उन वयस्कों को निमंत्रण है, जो सभी खेलों में भाग लेने के इच्छुक हैं, जिनमें पुलिस और लुटेरों के बीच शूटिंग, म्यूजिकल चेयर, स्वदेशी नृत्य, टैग और अन्य खेल शामिल हैं.’ इस पोस्ट को बाद में हटा दिया गया. यह पोस्ट पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के समर्थकों द्वारा राजधानी ब्राजीलिया में सुप्रीम कोर्ट, संसद सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर गत 8 जनवरी को हुए हिंसक हमले से पहले सोशल मीडिया पर चल रहे कई कोडेड संदेशों में से एक था, जो दक्षिणपंथी नेता को सत्ता में बहाल करने की मांग कर रहे थे.
यह टेलीग्राम पोस्ट, ब्राजिलिया में 8 जनवरी को हुई हिंसा की जांच में संभावित रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, कि कैसे सुनियोजित हमले किए गए, कैसे सुरक्षा अधिकारियों को इस साजिश के बारे में बिल्कुल पता नहीं चल सका. यह 6 जनवरी, 2021 को यूएस कैपिटल हिंसा की तरह ही था, जब डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने अमेरिकी संसद को घेरकर, तोड़फोड़ और हिंसा की थी. अमेरिका में हमले की तरह, ब्राजील के दंगे प्रदर्शित करते हैं कि कैसे सोशल मीडिया लोकतंत्र विरोधी समूहों के लिए फॉलोवर्स की भर्ती को कहीं अधिक आसान बना देता है. ब्राजीलिया के दंगाइयों ने YouTube पर हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ का सीधा प्रसारण किया था, जिसे बाद में न्यायालय के आदेश पर हटाया गया.
ब्राजीलिया के दंगे में सोशल मीडिया की कितनी भूमिका?
ब्राजील में हुए आम चुनाव और बगावत के बारे में भ्रामक दावे ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किए गए. 8 जनवरी के दंगे से पहले ही, ब्राजील में सोशल मीडिया और निजी मैसेजिंग नेटवर्क पर लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के अक्टूबर के चुनाव को पलटने के लिए एक अंतिम धक्का देने के लिए आह्वान से भर गए थे- ऐसा लगता है कि सुरक्षा एजेंसियों ने अस्पष्ट रूप से इसकी अनदेखी की. अधिकांश ऑनलाइन बातचीत में ब्राजीलिया के थ्री पॉवर्स प्लाजा में ‘सेल्मा की पार्टी’ के रूप में आयोजित सभा को संदर्भित किया गया था- ‘सेल्वा’ एक पुर्तगाली शब्द है, जिसका अर्थ प्ले या नाटक होता है. यह ब्राजील की सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक युद्धघोष है. प्रतिभागियों को सुरक्षा बलों द्वारा दागे गए आंसू गैस के गोलों से बचने के लिए अपना स्वयं का फेस मास्क लाने के लिए कहा गया था.
उन्हें ब्राजील के झंडे के हरे और पीले रंग के कपड़े पहनने के लिए भी कहा गया था. व्यापक रूप से प्रसारित पोस्ट में कहा गया, ‘मेहमानों तैयार हो जाइए, पार्टी धमाकेदार होगी.’ डेविड नेमर, ब्राजील के मूल निवासी और सोशल मीडिया का अध्ययन करने वाले वर्जीनिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने कहा, ‘यह सब खुलेआम हो रहा था. उन्होंने ब्राजील के तमाम शहरों से ब्राजीलिया आने के लिए बसों की व्यवस्था करने वाले लोगों के नाम और कॉन्टैक्ट शेयर किए थे. वे कुछ भी छिपाने की कोशिश नहीं कर रहे थे. फिर भी, यह स्पष्ट नहीं है कि दशकों में ब्राजील के लोकतंत्र पर सबसे खराब हमले के लिए सोशल मीडिया किस हद तक जिम्मेदार था. क्योंकि बीच ट्रिप मैप पर 8 जनवरी को प्रोटेस्ट साइट्स के रूप में जिन गैस टर्मिनलों और रिफाइनरियों को चिन्हित किया गया था, वहां उस दिन बहुत कम लोग दिखाई दिए थे.’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने हटाए आपत्तिजनक कॉन्टेंट
ब्राजील की राजधानी ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट द्वारा नए हमलों की संभावना के लिए खुद को मजबूत किया, जिसमें टेलीग्राम पर ‘सत्ता वापस लेने के लिए बड़ा विरोध प्रदर्शन’ का आह्वान करने वाला एक सर्कुलेशन भी शामिल है. लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं. टेलीग्राम, यूट्यूब और फेसबुक ने कहा कि उन्होंने हिंसा का समर्थन करने वाली सामग्रियों को अपने प्लेटफॉर्म से हटाया. टेलीग्राम के प्रवक्ता रेमी वॉन ने एपी को एक बयान में लिखा, ‘टेलीग्राम फ्री स्पीच और पीसफुल प्रोटेस्ट के लिए एक मंच है. लेकिन हिंसा के लिए यहां कोई स्थान नहीं है. ऐसे कॉन्टेंट प्रतिबंधित हैं. पिछले सप्ताह ब्राजील में ऐसे दर्जनों पब्लिक कम्युनिटी चैनल्स को हमने बंद किया, जिनके हिंसात्मक गतिविधियों में शामिल होने का शक था.’ YouTube की एक प्रवक्ता ने कहा कि ब्राजील में चुनाव से संबंधित 2500 से अधिक चैनल और 10000 से अधिक वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है. मेटा कंपनी के एक प्रवक्ता ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ने ब्राजील के चुनाव के बारे में हानिकारक सामग्री से निपटने के प्रयासों को प्राथमिकता दी है.
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Tags: Brazil, International news in hindi, Violent Riots
FIRST PUBLISHED : January 12, 2023, 09:25 IST
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