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BTech : एक चूक से बीटेक के टॉपर ने खो दिया गोल्ड मेडल

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BTech : एक चूक से बीटेक के टॉपर ने खो दिया गोल्ड मेडल

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एमएमएमयूटी, गोरखपुर में ऑनलाइन कोर्स में की गई एक बड़ी चूक से एक विभाग का टॉपर स्वर्ण पदक से चूक गया। उसके खिलाफ अनुचित साधन प्रयोग के तहत कार्रवाई की गई थी। बताते हैं कि बीटेक में संचालित ऑनलाइन कोर्स की परीक्षा भी ऑनलाइन ही होती है। उसका नंबर भी छात्रों के पूर्णांक में जुड़ता है। छात्रों को एनपीटीईएल (नेशनल प्रोग्राम ऑन टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग) की परीक्षा ऑनलाइन देनी होती है। इसके परिणाम की हार्डकॉपी डाउनलोड कर विद्यार्थी परीक्षा विभाग में जमा कर देते हैं। एक विद्यार्थी की हार्डकॉपी देखकर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी जांच हुई। जांच में पाया गया कि उसने जमा की गई हार्डकॉपी में छेड़छाड़ कर अंकों में बढ़ोतरी की है। इसके बाद सभी छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन परीक्षा की जांच की गई। इसमें केमिकल व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के कुल 15 छात्र-छात्राएं पकड़े गए। इसके बाद उन सभी का एक ग्रेड कम कर दिया गया।

बीटेक के एक विभाग का था टॉपर

इन 15 में से एक छात्र बीटेक के एक विभाग का टॉपर था। एक ग्रेड कम होने के बाद भी उसकी रैंकिंग विभाग में सबसे अधिक थी। लेकिन यूएफएम की कार्रवाई के कारण टॉपर्स की अनंतिम और अंतिम दोनों सूची में उसका नाम दर्ज नहीं किया गया। उस छात्र ने विवि प्रशासन से अपील की है कि एक ही अपराध के लिए दो सजा (यूएफएम और टॉपर की सूची से हटाया जाना) दी जा रही है। यह न्यायसंगत नहीं है। विवि प्रशासन ने उसकी अपील को प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखने का निर्णय लिया है।

परीक्षा में कुछ छात्रों ने छेड़छाड़ कर अपना नंबर बढ़ा लिया था। जांच में यह मामला पकड़ में आने के बाद उनके खिलाफ यूएफएम के तहत कार्रवाई की गई है। एक छात्र ने अपील की है। इसे प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।-प्रो. जेपी पांडेय, कुलपति

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दीक्षांत में ही डिग्री देने के लिए 41 छात्रों को एक और मौका

एमएमएमयूटी में स्नातक व परास्नातक अंतिम वर्ष के 41 छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी गई है। बैक पेपर लगने के कारण ये छात्र अनुत्तीर्ण हो गए थे। दीक्षांत में ही उन्हें डिग्री मिल जाए, इसके लिए कैरीओवर परीक्षा का निर्णय लिया गया है। परीक्षा 11 से 13 सितंबर तक होगी और 14 को रिजल्ट आएगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ दयाशंकर सिंह ने बताया कि एमएमएमयूटी में बीटेक, एमटेक व एमसीए अंतिम वर्ष के कुल 41 विद्यार्थियों के अलग-अगल कारणों से बैकपेपर लगे हैं। समय से उन्हें डिग्री दी जा सके, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। दीक्षांत में कुल 1482 छात्र-छात्राओं की डिग्री की सूची तैयार है। कैरीओवर परीक्षा देने वालों में से जितने भी छात्र उत्तीर्ण होंगे, उनका नाम सूची में जोड़ा जाएगा। दीक्षांत समारोह को लेकर परीक्षा समिति की बैठक 15 सितंबर को आयोजित होगी। इसमें जितनी भी डिग्री दी जानी है, उनका अनुमोदन होगा। उसके बाद 17 को विद्या परिषद और प्रबंध बोर्ड की बैठक आयोजित होगी।

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