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Dakshinavarti Shankh : दक्षिणावर्ती शंख का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इसे घर में रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं, सुख-समृद्धि आती है और बीमारियों से मुक्ति मिलती है. शंख में जल भरकर छिड़कने से सकारात्मक ऊर्…और पढ़ें
दक्षिणावर्ती शंख के चमत्कारिक लाभ और महत्व.
हाइलाइट्स
- दक्षिणावर्ती शंख से वास्तु दोष दूर होते हैं.
- शंख में जल भरकर छिड़कने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
- शंख रखने से सुख-समृद्धि और बीमारियों से मुक्ति मिलती है.
Type of Shankh : हमारे सनातन धर्म के लिए धर्म शास्त्रों में संघ के कई प्रकार और उनके चमत्कारिक लाभों का वर्णन मिलता है. शंख पूजन के लिए आवश्यक है इसके साथ ही इसके कई आध्यात्मिक और वास्तु लाभ है. शंख को तीन श्रेणियां में विभक्त किया गया है. दाएं हाथ से पकड़े जाने वाला दक्षिणावर्ती, बाएं हाथ से पकड़े जाने वाला वामवर्ती और बीच में खुले मुंह का शंख मध्यवर्ती होता है. दक्षिणावर्ती शंख अलग महत्व होता है. इससे वास्तु संबंधित समस्याओं की समाधान किए जाते हैं.आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
दक्षिणावर्ती शंख : हिंदू धर्म में दक्षिणावर्ती शंख का महत्व वेद काल से बताया गया है. मान्यता है शंख की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई. शंख को मां लक्ष्मी का भाई कहा जाता है. माता महालक्ष्मी कथा में शंख को उनकी अत्यंत प्रिय वस्तु बताया गया. शंख को घर में सुख – समृद्धि एवं वास्तु उपाय के साथ धन और संपदा से जोड़कर देखा गया है.दक्षिणावर्ती शंख को घर में रखने से वास्तु से सम्बंधित समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है.
दक्षिणावर्ती शंख से लाभ :
- जो व्यक्ति अपने घर में या ऑफिस अथवा दुकान में दक्षिणावर्ती शंख को स्थापित करके उसका पूजन करता है. उसकी समस्त मनोकामना पूर्ण होती है.
- दक्षिणावर्ती शंख में जल भर कर व्यापार अथवा घर के प्रत्येक कोने में छिड़काव करने से बीमारियां से मुक्ति मिल जाती है एवं सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.
- शुक्ल पक्ष के पहले शुक्रवार को दक्षिणावर्ती शंख में चावल भरकर रखना चाहिए. अगले शुक्रवार को चावल बदल देने चाहिए, पुराने चावलों को पक्षियों के लिए डालना चाहिए. ऐसा करने से कभी भी धन की कमी नहीं होती है.ऐसा निरंतर हर शुक्रवार को करें.
- नौकरीपेशा वाले व्यक्तियों को अपने घरों के पूजा स्थल में दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना अवश्य करनी चाहिए. इससे उनके करियर में कभी बाधा नहीं आती है.
- घर अथवा व्यवसाय में दक्षिणावर्ती शंख रखने से शत्रु कभी आपको हानि नहीं पहुंचा सकते. इसके अलावा इस शंख के प्रभाव से किसी भी तरह की दुर्घटना, अकाल मृत्यु एवं बीमारियों से रक्षा होती है.
- दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर सोमवार अथवा पूर्णमासी के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने पर पीड़ित चंद्रमा के दुष्परिणामों से मुक्ति मिलती है.
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