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कानपुर. उत्तर प्रदेश में कानपुर के राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के द्वारा सुपर शुगर तैयार की गई है. यह साधारण शक्कर की तुलना में ज्यादा स्वस्थ और पोषक है. यह सुपर शुगर कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आवश्यक फैटी एसिड, विटामिन, आहार, फाइबर और खनिज से भरपूर है. इसको बनाने में तीन साल का समय लगा है. यह सुपर शुगर राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के निदेशक प्रोफेसर नरेंद्र मोहन के मार्गदर्शन में राजेश सिंह के द्वारा फैलोशिप कार्यक्रम के तहत तैयार की गई है.
आम तौर पर चिकित्सक खान-पान में चीनी का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए मना करते हैं. डॉक्टरों का कहना रहता है कि ज्यादा शुगर से कई बीमारियां होती हैं. लेकिन, इस सुपर शुगर को आप जितना चाहे उतना इस्तेमाल कर सकते हैं. यह किसी भी प्रकार से हानिकारक नहीं है. साथ ही, इसके सेवन से शरीर में शुगर लेवल भी नहीं बढ़ता है. सुपर शुगर को बनाने करने में तुलसी और शैवाल का इस्तेमाल किया गया है.
शैवाल की खोज 16वीं शताब्दी में की गई थी. इसे मेक्सिको की घाटी में भोजन के रूप में प्रयोग किया जाता है. यह झीलों, समुद्र व अन्य जिलों में पाया जाता है. इसमें 70 प्रतिशत हाई प्रोटीन, आवश्यक फैटी एसिड, खनिज जैसे पोटेशियम, कैल्शियम, लोहा, जस्ता, फास्फोरस विटामिन और एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसका उपयोग पाउडर कैप्सूल या केक के रूप में खाने तथा फार्मा उद्योग और पशुपालन में भी होता है.
कई गंभीर बीमारियों को रखता है दूर
न्यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के निदेशक प्रोफेसर नरेंद्र मोहन ने बताया कि कई वर्षों से सुपर शुगर को तैयार करने के लिए संस्थान के द्वारा काम किया जा रहा था. सुपर शुगर के उत्पादन के लिए हमने सस्ते और प्रचुर मात्रा में उपलब्ध सूत्रों का उपयोग किया है. इससे इसकी कीमत साधारण शक्कर के बराबर ही है. यह ज्यादा पौष्टिक है. साथ ही, यह एक औषधि उद्योग में भी जगह बनाएगी. इससे कई स्वास्थ्य लाभ भी होंगे जैसे कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करेगा. रक्तचाप को कम करने में भी यह काफी कारगर साबित होगा. एनीमिया के खिलाफ प्रभावी होने वाली मांसपेशियों में ताकत लाने में यह कारगर हो सकता है.
वहीं, सुपर शुगर को तैयार करने में तुलसी इस्तेमाल की गई है जो जीवाणु रोधी होती है. इससे भी लोगों को कई स्वास्थ्य लाभ मिलेंगे.
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FIRST PUBLISHED : April 20, 2023, 12:02 IST
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