Home Business Graduity : कितने दिन नौकरी के बाद मिलती है ग्रेच्‍युटी, क्‍या नोटिस पीरियड भी होता है शामिल?

Graduity : कितने दिन नौकरी के बाद मिलती है ग्रेच्‍युटी, क्‍या नोटिस पीरियड भी होता है शामिल?

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Graduity : कितने दिन नौकरी के बाद मिलती है ग्रेच्‍युटी, क्‍या नोटिस पीरियड भी होता है शामिल?

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हाइलाइट्स

किसी व्‍यक्ति का लगातार सेवाकाल 4 साल 240 दिन का होता है तो उसे ग्रेच्‍युटी पाने का अधिकार होगा.
अगर एक ही नियोक्‍ता के साथ 4 साल 190 दिन तक काम किया है तो वे ग्रेच्‍युटी पाने के हकदार होंगे.
ग्रेच्‍युटी उसी कंपनी या नियोक्‍ता की ओर से दी जाएगी जहां 10 से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हों.

नई दिल्‍ली. नौकरी चाहे सरकारी हो या प्राइवेट हर कर्मचारी को अपनी सैलरी और भत्‍तों को लेकर काफी उत्‍सुकता रहती है. प्राइवेट सेक्‍टर में वैसे तो जॉब बदलने का चलन कुछ ज्‍यादा ही रहता है, लेकिन किसी एक कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने वालों को कई फायदे भी मिलते हैं. ऐसा ही एक फायदा होता है ग्रेच्‍युटी का. सरकारी और प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों को एक तय मियाद से ज्‍यादा समय तक काम करने पर इस राशि का एकमुश्‍त भुगतान किया जाता है.

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कितने दिन काम करने के बाद कर्मचारी को इसका लाभ दिया जाता है. जानकारों का कहना है कि इस बारे में अलग-अलग नियम हैं. अमूमन तो यह माना जाता है कि कोई कर्मचारी 5 साल तक लगातार एक ही नियोक्‍ता के साथ काम करता है तो उसे ग्रेच्‍युटी पाने का अधिकार होता है. हालांकि, ऐसा नहीं है. ग्रेच्‍युटी एक्‍ट के सेक्‍शन 2ए में साफ कहा गया है कि अगर किसी व्‍यक्ति का लगातार सेवाकाल 4 साल 240 दिन (करीब 4 साल 8 महीने) का होता है तो उसे ग्रेच्‍युटी पाने का अधिकार होगा. इस अवधि को 5 साल ही माना जाएगा. ध्‍यान रहे कि अगर सामान्‍य स्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों ने 4 साल 8 महीने से एक भी दिन कम काम किया है तो उन्‍हें ग्रेच्‍युटी का लाभ नहीं मिलेगा.

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ऐसे कर्मचारियों को और छूट
ग्रेच्‍युटी एक्‍ट के तहत ऐसे कर्मचारी जो जमीन के अंदर काम करते हैं, जैसे खदानों और सुरंगों में काम करने वाले कर्मचारी, तो उन्‍हें और भी ज्‍यादा छूट दी जाती है. ऐसे कर्मचारियों ने अगर एक ही नियोक्‍ता के साथ 4 साल 190 दिन तक काम किया है तो वे ग्रेच्‍युटी पाने के हकदार होंगे. यह ध्‍यान रखना होगा कि ग्रेच्‍युटी उसी कंपनी या नियोक्‍ता की ओर से दी जाएगी जहां 10 से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हों.

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क्‍या नोटिस भी शामिल होगा
इस बारे में निवेश सलाहकार बलवंत जैन का कहना है कि जब आप नौकरी करते हैं तो आपकी ज्‍वाइनिंग की डेट से लेकर रिजाइन करने या रिटायर होने की डेट तक की अवधि को आपका सर्विस पीरियड माना जाता है. जाहिर अगर आपने नौकरी बदलने के लिए नोटिस पीरियड दिया है और उसी दरम्‍यान आपका ग्रेच्‍युटी का समय भी पूरा हो रहा तो आपको इसका पूरा लाभ मिलेगा. यानी नोटिस पीरियड भी आपके सर्विस में ही जोड़ा जाएगा, क्‍योंकि इस दौरान आपको नियोक्‍ता की ओर से सैलरी तो मिलेगी ही.

क्‍या है नोटिस पीरियड का गणित
मान लीजिए आपने किसी कंपनी में 4 साल 6 महीने तक काम किया है और अब आपको जॉब चेंज करनी है. इसके लिए नियोक्‍ता के नियमों के तहत आपको 2 महीने का नोटिस पीरियड बिताना होगा. इस तरह, देखा जाए तो उस कंपनी में आपकी कुल सर्विस 4 साल 8 महीने की पूरी हो जाएगी, क्‍योंकि कंपनी आपको नोटिस पीरियड के दौरान भी सैलरी का भुगतान करती है. लिहाजा आपका कुल सर्विस पीरियड ग्रेच्‍युटी के दायरे में आ जाएगा और आपको इसका पूरा लाभ दिया जाएगा.

Tags: Business news in hindi, Employee Salary Rules, Employees salary, Government jobs, Job security

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