Home Business Gratuity: नौकरी बदल दी, अब पुराने नियोक्‍ता से कैसे मिलेगी ग्रेच्‍युटी? इस पैसे पर कितना देना होगा इनकम टैक्‍स

Gratuity: नौकरी बदल दी, अब पुराने नियोक्‍ता से कैसे मिलेगी ग्रेच्‍युटी? इस पैसे पर कितना देना होगा इनकम टैक्‍स

0
Gratuity: नौकरी बदल दी, अब पुराने नियोक्‍ता से कैसे मिलेगी ग्रेच्‍युटी? इस पैसे पर कितना देना होगा इनकम टैक्‍स

[ad_1]

हाइलाइट्स

ग्रेच्‍युटी की गणना के लिए 30 दिन के बजाए सिर्फ 26 दिन को शामिल किया जाता है.
ग्रेच्‍युटी में कर्मचारियों को इसमें योगदान करने की आवश्यकता नहीं है.
ग्रेच्‍युटी पर इनकम टैक्स नियमों के तहत टैक्‍स छूट का प्रावधान है.

नई दिल्‍ली. नौकरी चाहे सरकारी हो या प्राइवेट हर कर्मचारी को अपनी सैलरी और भत्तों को लेकर काफी उत्‍सुकता रहती है. प्राइवेट सेक्‍टर में वैसे तो जॉब बदलने का चलन कुछ ज्‍यादा ही रहता है, लेकिन किसी एक कंपनी के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने वालों को कई फायदे भी मिलते हैं. ऐसा ही एक फायदा होता है ग्रेच्‍युटी (Gratuity) का.

किसी नियोक्‍ता या कंपनी के साथ एक निश्चित अवधि तक काम करने के बदले में ग्रेच्युटी दिया जाता है. ग्रेच्युटी के भुगतान को लेकर कुछ नियम हैं. इसकी टैक्सबिलिटी के नियम भी हैं. बहुत सारे कर्मचारियों के लिए यह राशि भुगतान की जाती है, तो यह टैक्स-फ्री है, लेकिन इसमें एकरूपता नहीं है.

ये भी पढ़ें- Alert! : केंद्रीय कर्मचारी हो जाएं सावधान, इन मामलों में दोषी मिले तो खत्म हो जाएगी पेंशन और ग्रेच्‍युटी

हालांकि ग्रेच्युटी किसी के वेतन का हिस्सा है, लेकिन पीएफ के विपरीत, इसे वेतन से नहीं काटा जाता है, इसका मतलब है कि कर्मचारियों को इसमें योगदान करने की आवश्यकता नहीं है.

3 स्थितियों में ग्रेच्युटी का भुगतान
जब किसी कर्मचारी ने कम से कम 5 साल की लगातार सेवा पूरी कर ली हो. हालांकि, अगर कंपनी सप्ताह में 5 दिन के वर्क शेड्यूल का पालन कर रही है, तो ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए कम से कम 4 साल 190 दिनों की सेवा जरूरी है. अगर कंपनी सप्ताह में 6 दिन का शेड्यूल अपना रही है, तो कम से कम 4 साल 240 दिनों की सेवा जरूरी है.

ये भी पढ़ें- Graduity : कैसे होती है ग्रेच्‍युटी की गणना, 50 हजार सैलरी पर कितना मिलेगा पैसा, क्‍या सभी के लिए समान है नियम?

60 साल हो जाने पर भी ग्रेच्युटी की रकम निकाली जा सकती है
रिटायरमेंट की उम्र यानी 60 साल हो जाने पर भी ग्रेच्युटी की रकम निकाली जा सकती है. यदि कोई कर्मचारी किसी दुर्घटना या बीमारी के कारण मर जाता है या विकलांग हो जाता है, तो भी 5 साल पूरे होने से पहले ग्रेच्युटी की राशि निकालने का पात्र होता है. साथ ही, इस्तीफा देने या वर्तमान रोजगार से सेवानिवृत्त होने पर भी ग्रेच्युटी के लिए पात्र हो सकते हैं. हालांकि, अस्थायी कर्मचारी या इंटर्न ग्रेच्युटी के लिए पात्र नहीं होते हैं.

आयकर नियमों के तहत टैक्‍स छूट का प्रावधान
ग्रेच्युटी की मिलने वाली पूरी रकम टैक्स छूट के दायरे में आती है. आयकर नियमों के तहत टैक्‍स छूट का प्रावधान है, लेकिन सरकारी और निजी सेक्‍टर के कर्मचारियों के लिए टैक्‍स छूट की सीमा में बड़ा अंतर दिखता है. सरकारी कर्मचारी के लिए 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी टैक्स फ्री होती है. वहीं, प्राइवेट कर्मचारी के लिए 10 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी टैक्स फ्री होती है.

Tags: Business news, Business news in hindi, Employee Salary Rules, Employees salary, Salary break-up

[ad_2]

Source link