हाइलाइट्स
H3N2 की चपेट में आने पर लोगों को जुकाम, खांसी, गले में दर्द और बुखार की समस्या हो जाती है.
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह फ्लू जानलेवा साबित हो सकता है.
Prevention Tips For H3N2 Virus: इस वक्त देशभर में H3N2 फ्लू का कहर चल रहा है. दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों में इस फ्लू के मामले मिलने से हड़कंप मचा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब तक एच3एन2 वायरस के संक्रमण से कई लोगों की मौत भी चुकी है. यह इंफेक्शन कोविड-19 की तरह तेजी से पैर पसार रहा है और बड़ी तादाद में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं. एक बार फिर लोगों के मन में डर बैठ गया है कि कहीं यह फ्लू महामारी का रूप तो नहीं ले लेगा. डॉक्टर्स की मानें तो H3N2 फ्लू बेहद संक्रामक है और कुछ लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे में इससे बचने के लिए सभी गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए. इस फ्लू से जुड़े कई अहम तथ्य डॉक्टर से जान लेते हैं.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉक्टर सोनिया रावत के मुताबिक H3N2 फ्लू इन्फ्लुएंजा A का सबटाइप है. यह वायरल इंफेक्शन है, जो तेजी से संक्रमित व्यक्ति से दूसरे लोगों में फैल जाता है. इस फ्लू की चपेट में आने पर लोगों को ठंड के साथ बुखार, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, मतली, खांसी, जुकाम और शरीर में तेज दर्द का सामना करना पड़ता है. इससे लंग्स में परेशानी महसूस होती है. यह वायरस खांसने, छींकने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से दूसरे लोगों में फैल जाता है. यह वायरस हमारे शरीर को बीमारियों से बचाने वाले व्हाइट ब्लड सेल्स पर अटैक कर देता है. जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है या जो लोग किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हे इस वायरस से हर हाल में बचना चाहिए.
ऐसे लोगों के लिए बेहद खतरनाक
डॉक्टर सोनिया रावत कहती हैं कि H3N2 फ्लू डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, सांस की बीमारी और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए जानलेवा हो सकता है. ऐसे लोगों को इसकी चपेट में आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, वरना कॉम्प्लिकेशन हो सकती हैं. बुजुर्ग, बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह वायरस घातक हो सकता है. इसके अलावा जिन लोगों में कोई अंडरलाइंग डिजीज है, उनके लिए भी यह मुसीबत बन सकता है.
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क्या है H3N2 फ्लू का इलाज?
डॉक्टर सोनिया रावत की मानें तो H3N2 वायरस का संक्रमण आमतौर पर एक सप्ताह में ठीक हो जाता है. वहीं खांसी ठीक होने में 3-4 सप्ताह लग सकते हैं. अगर इस संक्रमण के इलाज की बात करें, तो इसका इलाज लक्षणों के अनुसार किया जाता है. बुखार आने पर पैरासिटामोल टैबलेट ले सकते हैं. सर्दी-जुकाम और एलर्जी की ओवर द काउंटर टेबलेट्स ले सकते हैं. हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेनी चाहिए. इसके अलावा जिन लोगों को लगातार तेज बुखार आ रहा है और सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.
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ऐसे करें H3N2 वायरस से बचाव
– संक्रमित लोगों से दूरी बनाएं
– भीड़भाड़ वाले इलाकों में न जाएं
– बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं
– खाने में फ्लूड ज्यादा लें. खूब पानी पिएं
– हाथ सैनिटाइज करते रहें या साबुन से धोएं
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Tags: Health, Influenza, Lifestyle, Trending news, Viral Fever
FIRST PUBLISHED : March 16, 2023, 12:12 IST