Home World Hindu In Pakistan: हिंदू मां का दूध पीता है बच्चा… दो दिन में कैसे बन जाएगा मुसलमान? पाकिस्तानी असेंबली में गूंजी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ आवाज

Hindu In Pakistan: हिंदू मां का दूध पीता है बच्चा… दो दिन में कैसे बन जाएगा मुसलमान? पाकिस्तानी असेंबली में गूंजी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ आवाज

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Hindu In Pakistan: हिंदू मां का दूध पीता है बच्चा… दो दिन में कैसे बन जाएगा मुसलमान? पाकिस्तानी असेंबली में गूंजी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ आवाज

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इस्लामाबाद : पाकिस्तान में हिंदू और सिख जैसे अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद दयनीय है। क्या पुरुष, क्या महिला, कट्टरपंथी निशाना बनाने से पहले न उम्र देखते हैं और न जेंडर। पुरुषों को ईशनिंदा की आड़ में मौत के घाट उतार दिया जाता और महिलाओं, बच्चियों को अगवा कर उनका जबरन धर्मांतरण करवा दिया जाता। पाकिस्तान का एक वीडियो चरमपंथी मुल्क में हिंदू, सिख बच्चियों की स्थिति उजागर करता है। हालांकि यह वीडियो पुराना है लेकिन विभाजन के बाद से ही पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार कम हुई है।

वीडियो को मेजर सुरेंद्र पूनिया ने ट्विटर पर शेयर किया है। वीडियो में पंजाब विधानसभा में पीएमएल-एन के नेता तारिक मसीह गिल मुल्क में अल्पसंख्यकों और खासकर बच्चियों की दुर्दशा पर भाषण देते नजर आ रहे हैं। वह अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहते हैं कि ‘हम पर बड़ा जुल्म हआ है, अब हम पर रहम किया जाए।’ गौर करने वाली बात यह है कि वक्ता हिंदू नहीं हैं बल्कि वह क्रिश्चियन हैं और गैर-मुस्लिम के लिए असेंबली की रिजर्व 8 सीटों में से एक का प्रतिनिधित्व करते हैं।

‘डंडा दिखाकर कबूल करवाया इस्लाम’

अपने भाषण में गिल कहते हैं, ‘जनाब स्पीकर, बड़े दुख के साथ यह बात करना चाहता हूं। बहुत समान अधिकार मिल चुके हैं हमें 75 साल में। एक हमें बड़ा समान अधिकार मिला कि हमारी 15 साल से कम उम्र की बच्चियों को इस्लाम कबूल करवाया जाता है। बड़े समान अधिकार हैं जनाब… 12 साल की बच्ची को, पिछले हफ्ते डंडे के जोर पर इस्लाम कबूल करवाया गया। जब मैं थाने पहुंचा तो डीएसपी साहब मुझसे कहने लगे कि इसने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है।’

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‘दो दिन में कैसे बन जाएगा मुसलमान?’

उन्होंने कहा, ‘एक बच्चा ईसाई, हिंदू या सिख समुदाय में पैदा होता है। उसने अपनी ईसाई, हिंदू या सिख मां का दूध पिया है। उसने बचपन से लेकर जवानी तक अपने धर्म की शिक्षा ली है। उसे न कलमा आता है, न हदीस आती है, न कुरान की आयतें भी नहीं आतीं, वह कैसे दो दिन में मुसलमान बन जाएगा। यह बात मुझे आज तक समझ नहीं आई। मैंने डीएसपी से कहा कि इससे कहें कि मुझे कलमा सुना दें, अगर यह सुना देगी तो मैं मान जाऊंगा। जनाब, 18 साल से पहले तो ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र भी नहीं बनता तो यह इतना बड़ा सर्टिफिकेट न दिया जाए, मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं। हम पर बड़ा जुल्म हुआ है, हम पर तरस खाया जाए।’

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