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किताबों में इतिहास लिखा है, किताबों में ईमान लिखा है, किताबें ही ऐसी हैं जिसने यह हिन्दोस्तान लिखा है। किताबों के माध्यम से ही शिक्षा-संस्कार और सामाजिक समरसता की कहानी डा. इस्तहाक तबीब लिख रहे हैं।
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