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अखंड प्रताप सिंह
कानपुर. दूर-दराज के इलाकों में तैनात सैनिकों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अक्सर अपने खून की जांच कराने के लिए मीलों दूर शहरों तक जाना पड़ता है. इतना ही नहीं, जिन गांवों में लैब सेंटर बने होते हैं, वो उनके ब्लड सैंपल को लेकर शहर तक पहुंचते हैं जिसकी रिपोर्ट देर तक आ पाती है. लेकिन अब यह समस्या दूर होगी. आईआईटी कानपुर की स्टार्टअप कंपनी ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जो चंद मिनटों में आपके खून की जांच की रिपोर्ट आपके फोन पर पहुंचाएगी.
किसी को भी उसकी ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट मिनटों में मिल सकेगी. आईआईटी कानपुर की इनक्यूबेटर कंपनी प्राइमरी हेल्थ टेक ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जो चंद मिनटों में ब्लड की जांच रिपोर्ट दे देगी. यह डिवाइस बाजार में उपलब्ध ऑटोएनालाइजर और सेमी एनालाइजर से बेहद सस्ती है.
आपके शहर से (लखनऊ)
मोबीलैब दिया गया है नाम
आईआईटी कानपुर की इनक्यूबेटर कंपनी प्राइमरी हेल्थ के द्वारा बनाई गई इस डिवाइस को मोबीलैब नाम दिया गया है. यह आपके ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट सीधे आपके फोन पर भेजती है. मात्र एक फोन से यह काम भी कर सकती है. इस वजह से इसको मोबीलैब नाम दिया गया है. आईआईटी गुवाहाटी के पूर्व छात्र राहुल पटेल, साहिल जगनानी, अंकित चौधरी व उनकी टीम ने इस डिवाइस को तैयार किया है.
यह डिवाइस भी ब्लड जांच करने वाली अन्य डिवाइस की तरह काम करती है. इसमें खून की कुछ बूंद डालते ही हेल्थ से संबंधित विभिन्न जांच रिपोर्ट मोबाइल पर मिल जाती है. यह मशीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक पर आधारित है. यह एक नॉर्मल फोन की बैटरी और पावर बैंक से भी संचालित हो सकती है. इसे बेहद कम पावर सप्लाई लगती है.
राहुल पटेल ने न्यूज़ 18 लोकल से बातचीत में बताया कि ग्रामीण इलाकों में बड़ी-बड़ी पैथोलॉजी नहीं होती हैं. लोगों को जांच कराने के लिए शहर आना पड़ता है या फिर जो सेंटर गांव में बने होते हैं, वो शहर में उनके ब्लड के सैंपल भेजते हैं, जिससे रिपोर्ट आने में देर हो जाती है. इससे कई बार मरीज को समय से ठीक इलाज नहीं मिल पाता है. वहीं, सैनिक भी काफी रिमोट इलाकों में तैनात रहते हैं. ऐसे में जब वो बीमार होते हैं, तो उनके ब्लड की जांच तुरंत नहीं हो पाती है. उन्हें काफी इंतजार करना पड़ता है या तो वो मुख्य सेंटर में जाकर अपनी जांच करा पाते हैं या फिर उनके ब्लड के सैंपल भेजे जाते हैं, जिससे रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है. ऐसे में यह डिवाइस सैनिकों के लिए भी काफी कारगर साबित होगी. उन्होंने बताया कि डिफेंस मिनिस्ट्री में भी उनकी बात चल रही है.
इस डिवाइस में नॉन क्रॉनिकल बीमारियों की ज्यादातर जांच हो सकेंगी. इसमें लीवर प्रोफाइल की सारी जांच, किडनी प्रोफाइल की सारी जांच, हार्ड प्रोफाइल की सारी जांच, पेनक्रियाज प्रोफाइल की सारी जांच, हिमोग्लोबिन, सीबीसी विडाल, ब्लड काउंट लेट समेत सारी जांचें आसानी से चंद मिनटों में हो सकेगी.
कई जगह चल रहा है क्लीनिकल ट्रायल
यह डिवाइस अपने अंतिम चरण पर है. इसे कई जगह से प्रमाणिकता मिल चुकी है और इसका क्लीनिकल ट्रायल भी चल रहा है. इसके 8,000 से ज्यादा ट्रायल हो चुके हैं. इसका क्लीनिकल ट्रायल एम्स दिल्ली समेत कई देश के बड़े अस्पतालों में चल रहा है. वहीं, कानपुर के जे.एल रोहतगी अस्पताल में भी इसका ट्रायल चल रहा है.
इस डिवाइस की एक्यूरेसी की बात करें, तो यह सेमी एनालाइजर से भी अच्छी है. इसकी एक्यूरेसी 92 फीसदी है, जो ऑटोएनालाइजर से थोड़ी कम है.
क्या होगी कीमत और कब तक आएगी मार्केट में
यह डिवाइस तीन से चार महीने में मार्केट में आ जाएगी. इसकी कीमत लगभग 15 से 20 हजार रुपये के बीच होगी. जबकि सेमी एनालाइजर तीन से पांच लाख रुपये तक के आते हैं. वहीं, ऑटोएनालाइजर लगभग 50 लाख रुपये के आते हैं, उनसे यह बेहद कम होगी.
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Tags: Blood, Iit kanpur, Kanpur news, Medical Devices, Up news in hindi
FIRST PUBLISHED : December 30, 2022, 15:34 IST
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