Home World Israel On Russia-Ukraine : यूक्रेन के खिलाफ अब रूस का साथ देगा इजरायल? नए विदेश मंत्री ने दिया जेलेंस्की को सबसे बड़ा झटका

Israel On Russia-Ukraine : यूक्रेन के खिलाफ अब रूस का साथ देगा इजरायल? नए विदेश मंत्री ने दिया जेलेंस्की को सबसे बड़ा झटका

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Israel On Russia-Ukraine : यूक्रेन के खिलाफ अब रूस का साथ देगा इजरायल? नए विदेश मंत्री ने दिया जेलेंस्की को सबसे बड़ा झटका

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तेल अवीव : रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 10 महीनों से जंग जारी है। इस लड़ाई में कुछ देश यूक्रेन तो कुछ रूस के साथ हैं। इन 10 महीनों में कई देशों में सत्ता बदली है। इजरायल भी इनमें से एक है जहां सत्ता बदलने के साथ यूक्रेन युद्ध पर देश का रुख भी बदलने लगा है। इजरायल के नए विदेश मंत्री एली कोहेन ने अपने पहले भाषण में इसके संकेत दिए हैं। उनके भाषण से प्रतीत होता है कि नई नेतन्याहू सरकार का झुकाव रूस की तरफ हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह मंगलवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बात करेंगे।

यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद यह इस तरह की पहली कॉल है। अपने भाषण में कोहेन ने संकेत दिया कि पिछले विदेश मंत्री यायर लापिड के विपरीत वह सार्वजनिक रूप से रूस की निंदा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘रूस और यूक्रेन के मुद्दे पर हम निश्चित रूप से कुछ करेंगे, सार्वजनिक रूप से कम बोलेंगे।’ इजरायल के नए विदेश मंत्री ने कहा कि वह यूक्रेन में युद्ध पर एक ‘जिम्मेदार’ नई नीति का मसौदा तैयार करने जा रहे हैं।

जारी रहेगी यूक्रेन को मानवीय सहायता

इजरायली पत्रकार बराक रैविड ने ट्विटर पर एक थ्रेड शेयर कर इसकी जानकारी दी है। कोहेन ने जोर देकर कहा कि विदेश मंत्रालय इस मुद्दे पर सुरक्षा कैबिनेट के लिए एक प्रेजेंटेशन तैयार करेगा। हालांकि उन्होंने कहा है कि यूक्रेन को इजरायल की मानवीय सहायता जारी रहेगी। लेकिन इजरायली मंत्री का पहला भाषण यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के लिए एक झटका है क्योंकि पिछली सरकार रूस के प्रति काफी सख्त थी।

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जेलेंस्की के लिए अहम इजरायली मंत्री का भाषण

पिछले 10 महीने से जारी जंग में कोहेन का बयान जेलेंस्की के लिए काफी मायने रखता है। इजरायल के पूर्व विदेश मंत्री लापिड ने रूस के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने रूसी हमले की सार्वजनिक रूप से निंदा की थी और कहा था कि रूसी सेना ने युद्ध अपराध किए हैं। हमले के बाद से लापिड ने लावरोव से बात नहीं की और कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में पद संभालने के बाद उन्होंने पुतिन से बात नहीं की थी।

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