Home World Jinping Putin Meet: इतनी पक्की दोस्ती फिर क्‍यों जिनपिंग के स्वागत में एयरपोर्ट नहीं पहुंचे पुतिन? वारंट के बाद भी पहुंचे चीनी राष्ट्रपति

Jinping Putin Meet: इतनी पक्की दोस्ती फिर क्‍यों जिनपिंग के स्वागत में एयरपोर्ट नहीं पहुंचे पुतिन? वारंट के बाद भी पहुंचे चीनी राष्ट्रपति

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Jinping Putin Meet: इतनी पक्की दोस्ती फिर क्‍यों जिनपिंग के स्वागत में एयरपोर्ट नहीं पहुंचे पुतिन? वारंट के बाद भी पहुंचे चीनी राष्ट्रपति

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मॉस्को : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार को रूस पहुंचे। यूक्रेन युद्ध के बीच उनका यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन मॉस्को में जिनपिंग के लिए बिछाई गई रेड कार्पेट के दूसरे छोर पर चीनी राष्ट्रपति के स्वागत के लिए उनके दोस्त और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मौजूद नहीं थे। चीन और रूस के घनिष्ठ संबंधों और पुतिन-जिनपिंग की दोस्ती को देखते हुए यह कुछ लोगों के लिए यह काफी चौंकाने वाला था। जिनपिंग पहले वैश्विक नेता हैं जो आईसीसी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुतिन से मिलने पहुंचे हैं। जिनपिंग के स्वागत में पुतिन की गैर-मौजूदगी के पीछे रूस के प्रोटोकॉल हैं।

रूस के मानक प्रोटोकॉल के अनुसार, गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत में एयरपोर्ट पर उनका स्वागत एक निचली रैंक का कैबिनेट अधिकारी करता है। अपने 747 से उतरने के बाद जिनपिंग के स्वागत में पुतिन ने रूस के उप प्रधान मंत्री दिमित्री चेर्नशेंको को मॉस्को के वानुकोवो एयरपोर्ट पर भेजा था। इस दौरान पुतिन सेंट्रल मॉस्को में थे। मॉस्को में एयरपोर्ट पर जिनपिंग के स्वागत में एक रूसी सैन्य बैंड ने चीन और रूस का राष्ट्रगान बजाया। इसके बाद वह चेर्नशेंको के साथ मानद गार्डों की कतार के सामने से होकर गुजरे।

पुतिन बोले- वार्ता को तैयार

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन में अपने चीनी समकक्ष शी जिंगपिंग के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि उनका देश हर समय बातचीत के लिए तैयार है। पुतिन ने सोमवार को चीन की ‘यूक्रेन संकट को हल करने की योजना’ के जवाब में यह टिप्पणी की। बीबीसी ने बताया कि फरवरी में चीन की ओर से ‘रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने’ के उद्देश्य से योजना जारी की गई थी। हालांकि, अमेरिका ने इसके खिलाफ आगाह किया था।

चार घंटे से भी ज्यादा लंबी बातचीत

बीबीसी ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के हवाले से कहा, ‘चीन या किसी अन्य देश की ओर से समर्थित रूस की ओर से अपनी शर्तों पर युद्ध को रोकने के लिए दुनिया को किसी भी सामरिक कदम से मूर्ख नहीं बनना चाहिए।’ रूसी सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक, सोमवार को दोनों नेताओं के बीच साढ़े चार घंटे तक बातचीत चली। औपचारिक बैठक मंगलवार को होने की उम्मीद है।

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