Home National Mumbai Crime News: महिला की हत्या का चश्मदीद बना ऑटो चालक, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई सजा

Mumbai Crime News: महिला की हत्या का चश्मदीद बना ऑटो चालक, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई सजा

0
Mumbai Crime News: महिला की हत्या का चश्मदीद बना ऑटो चालक, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई सजा

[ad_1]

Mumbai Crime News: महाराष्ट्र के मुंबई के खार इलाके में 9 सितंबर 2014 की रात अपनी रोजी कमाने निकले ऑटो चालक अरविंद सिंह को यह अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में वह एक गंभीर अपराध का गवाह बन जाएगा. लगभग 2 बजे रात को जब वह सवारी की तलाश में था, तभी उसने एक महिला की चीखें सुनीं. इसके बाद पास जाने पर देखा कि एक व्यक्ति पत्थर से महिला पर हमला कर रहा था.

ऑटो चालक ने की बचाने की कोशिश 

अरविंद ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन उस व्यक्ति ने उसे जान से मारने की धमकी दी. बिना समय गंवाए, अरविंद सीधे खार पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी. पुलिस तुरंत हरकत में आई और दो कांस्टेबल अरविंद के ऑटो में बैठकर मौके पर पहुंचे.

इलाज के दौरान दोनों की मौत

मौके पर पुलिस को घायल हालत में एक महिला मिली, जिसे अरविंद ने देखा था. वहीं एक अज्ञात व्यक्ति भी वहां घायल पड़ा था. दोनों को अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई. अरविंद ने पुलिस को बताया कि जिस व्यक्ति ने महिला पर हमला किया था, वह थोड़ी दूरी पर खड़ा है. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लिया. पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रवि गौड़ा बताया और दावा किया कि महिला शांता उसकी पत्नी थी. घायल पुरुष की पहचान चंदू के रूप में हुई, जिसे रवि ने शक के चलते मारा था कि उसका शांता से संबंध था.

अवैध संबंध का नहीं मिला कोई सबूत

रवि गौड़ा पर हत्या का केस दर्ज किया गया और कोर्ट में मुकदमा चला. बचाव पक्ष ने दावा किया कि शांता और रवि के रिश्ते का कोई सबूत नहीं है और यह भी आरोप लगाया कि अरविंद ने तेज रफ्तार से ऑटो चलाकर दोनों की मौत का कारण बना. लेकिन पुलिस की जांच और एक अन्य चश्मदीद गवाह की गवाही ने मामले को साफ कर दिया.

मेडिकल रिपोर्ट में हुआ खुलासा

मेडिकल रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि दोनों की मौत भारी पत्थर से चोट लगने से हुई थी, न कि सड़क दुर्घटना से. 2021 में मुंबई सत्र न्यायालय ने यह कहते हुए रवि गौड़ा को दोषी ठहराया कि अपराध स्थल के पास ही पुलिस स्टेशन था, जिससे जांच तुरंत शुरू हो गई और गवाहों की ओर से कहानी गढ़ने की संभावना नहीं थी. 



[ad_2]

Source link