[ad_1]
पाकिस्तान में आईएमएफ के प्रतिनिधियों ने कहा है कि शहबाज सरकार को लोन पाने के लिए अभी कुछ और कार्य करने होंगे। पाकिस्तान आईएमएफ से 6.5 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज चाहता है। पाकिस्तान एक तरफ जहां लोन के लिए गिड़गिड़ा रहा है, वहीं आईएमएफ ने डिफॉल्ट हो चुके श्रीलंका की मदद के लिए पिछले महीने 3 अरब डॉलर का लोन दिया है। पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक इसका रास्ता साफ नहीं हो सका है।
चीन की मदद से अब तक बचा है पाकिस्तान
पाकिस्तान ने आईएमएफ के कहने पर टैक्स की दर बढ़ा दी है और पेट्रोल तथा डीजल के दाम में भी भारी बढ़ोत्तरी की है। पाकिस्तान ने अपनी मुद्रा को भी अवमूल्यन होने के लिए मुक्त कर दिया है ताकि आईएमएफ की कर्ज की शर्तों को पूरा किया जा सके। पाकिस्तान को आईएमएफ लगातार कर्ज देने से परहेज कर रहा है, वहीं शहबाज सरकार बार-बार यही कह रही है कि बातचीत अंतिम चरण में है। आईएमएफ ने अब पाकिस्तान से कहा है कि वह सऊदी अरब और यूएई से बेलआउट पैकेज मांगे, इसके बाद हम उसे लोन देंगे।
Pakistan Wheat Crisis: पाकिस्तान में आटे की भारी किल्लत, आखिर क्यों आई ऐसी नौबत?
पाकिस्तान अब तक डिफॉल्ट हो चुका होता अगर चीन ने उसे कई अरब डॉलर का ताजा लोन नहीं दिया होता। इस बीच यूक्रेन के खिलाफ रूस के जारी युद्ध के बीच जेलेंस्की सरकार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के नए सहायता कार्यक्रम से 2.7 अरब डॉलर की पहली किश्त मिली है। एक शीर्ष अधिकारी ने ये जानकारी दी। समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने नेशनल बैंक ऑफ यूक्रेन (एनबीयू) के अध्यक्ष एंड्री पिश्नी के हवाले से कहा, ‘हम अपने भागीदारों को उनकी त्वरित मदद के लिए धन्यवाद देते हैं।’ उन्होंने कहा कि यूक्रेन अब सक्रिय रूप से कार्यक्रम की पहली समीक्षा को सफलतापूर्वक पारित करने और सहायता की अगली किश्त प्राप्त करने के लिए काम कर रहा है। पिछले हफ्ते, आईएमएफ ने विस्तारित फंड सुविधा (ईएफएफ) के तहत लगभग 15.6 अरब डॉलर की नई 48 महीने की विस्तारित व्यवस्था को मंजूरी दी थी।
[ad_2]
Source link