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पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, उन्होंने सरकार की ओर से एनएबी (National Accountability) अध्यादेश में संशोधन को चुनौती देने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। पाकिस्तान के शीर्ष जज ने कहा कि मुल्क में सभी समस्याओं का समाधान जनता के फैसले (आम चुनाव) से ही संभव है। सीजेपी बंदियाल, जस्टिस इजाज उल अहसन और जस्टिस सैयद मंसूर अली शाह की तीन सदस्यीय शीर्ष अदालत की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
विपक्ष कर रहा चुनाव की मांग
पाकिस्तान में पिछले साल अप्रैल में एकजुट विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर इमरान खान को सत्ता से बाहर कर दिया था। इमरान कभी विदेशी साजिश बताते और कभी पाकिस्तानी फौज पर आरोप लगाते। सत्ता जाने के बाद इमरान ने लगातार जलसे किए और इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च लेकर चले। वह सरकार से देश में चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे थे। लेकिन जानलेवा हमला होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी को राजनीति से अलग करने का ऐलान करते हुए लॉन्ग मार्च को खत्म कर दिया था।
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बढ़ने वाली हैं पाकिस्तान की मुश्किलें
वर्तमान में पाकिस्तान इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उसके हालात श्रीलंका जैसे होते जा रहे हैं जिसकी अर्थव्यवस्था पिछले साल धराशायी हो गई थी। शहबाज शरीफ की आखिरी उम्मीद, आईएमएफ का कर्ज, भी अब धूमिल पड़ती दिख रही है। पाकिस्तान सरकार और आईएमएफ 10 दिनों की ‘लंबी’ और ‘कठिन’ बातचीत के बाद भी किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहे हैं। इससे आने वाले समय में मुल्क का नकदी संकट और गहरा सकता है।
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