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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिग्गज नेता शरद पवार एक मंच पर होंगे। अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में टूट और विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ की बढ़ती सक्रियता के बीच पुणे में बनने वाला यह नजारा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है। पवार के राजनीतिक साथी दल शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) ने भी तंज कस दिया है। पार्टी ने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए इसे ‘आश्चर्य’ बताया है। साथ ही 82 वर्षीय एनसीपी नेता को नसीहत भी दे दी है।
संपादकीय के अनुसार, ‘दूसरा आश्चर्य यह है कि श्रीमान शरद पवार। महीने भर पहले मोदी ने ही शरद पवार की पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए व तुरंत उनकी पार्टी तोड़ दी। महाराष्ट्र की राजनीति को दलदल बनाकर छोड़ दिया, फिर भी शरद पवार पुणे में आज एक कार्यक्रम में उपस्थित रहकर मोदी की आवभगत करेंगे।’
‘पसंद नहीं आएगा’
शिवेसना (यूबीटी) का दावा है कि यह पवार का यह फैसला उनके समर्थकों को पसंद नहीं आएगा। आगे कहा गया, ‘संसद में दिल्ली सरकार के लोकतांत्रिक अधिकार खत्म करके सर्वोच्च न्यायालय के पैâसले को रौंदते हुए विधानमंडल के अधिकार पर हमला करनेवाला विधेयक संसद में मंजूरी के लिए लाया जा रहा है…। श्री शरद पवार संसद में विधेयक का विरोध करने के लिए उपस्थित रहने की बजाय मोदी को पुरस्कार देंगे, यह पवार के चाहनेवालों को पसंद नहीं आएगा।’
INDIA गठबंधन की दे दी दुहाई
अटकलें हैं कि पवार की मौजूदगी ने नए विपक्षी गठबंधन में भी हलचल बढ़ा दी हैं। सामना में कहा गया, ‘शरद पवार ‘मराठा’ हैं और शरद पवार मतलब आशादायक चेहरा, ऐसा वे खुद ही कहते हैं। तो ऐसे में उनसे अलग ही आशादायी भूमिका की अपेक्षा है।’ खास बात है कि मुंबई में ही विपक्षी दलों की अगली बैठक होनी है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि आगामी बैठक में सीट शेयरिंग समेत कई अहम मुद्दों पर मंथन हो सकता है।
संजय राउत ने भी उठा दिए सवाल
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, ‘महाविकास अघाड़ी और INDIA के नेता ऐसे कार्यक्रमों में जाते हैं, तो लोगों के दिमाग में कंफ्यूजन पैदा होता है…। उन्हें (पवार) को लेकर कंफ्यूजन है, INDIA गठबंधन को लेकर नहीं। उनके फैसले को लेकर कंफ्यूजन हो सकता है और उन्हें इसे दूर करना होगा। हम साथ हैं। MVA और INDIA मजबूत है।’
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