PM Modi Interview: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को एक इंटरव्यू दिया। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर केंद्र सरकार का पक्ष रखा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता से कई सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं। कुछ मेरे दिल के बहुत करीब हैं। साथ ही पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि विकसित भारत में जातिवाद, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता का कोई स्थान नहीं होगा।
PM Modi Interview:
>> अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि भारत की प्रगति कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि तैयार किए गए रोडमैप का परिणाम है।
>> सबसे पिछड़े और उपेक्षित लोगों को संबोधित करने का हमारा घरेलू दृष्टिकोण भी वैश्विक स्तर पर हमारा मार्गदर्शन कर रहा है।
>> दुनिया के सामने महंगाई की प्रमुख समस्या है। हमारी जी20 अध्यक्षता ने यह मान्यता दी कि एक देश में महंगाई विरोधी नीतियां दूसरों को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। भारत की जी20 की अध्यक्षता ने तथाकथित तीसरी दुनिया के देशों में भी विश्वास के बीज बोए हैं।
>> रेवड़ी कल्चर का विरोध करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गैर-जिम्मेदार वित्तीय नीतियां, लोकलुभावन अल्पकालिक राजनीतिक परिणाम दे सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में इसकी बड़ी सामाजिक और आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि सबसे गरीब और सबसे कमजोर लोग गैर-जिम्मेदार वित्तीय नीतियों और लोकलुभावन वादे से सबसे अधिक पीड़ित हैं।
>> पीएम मोदी ने कहा कि 9 साल की राजनीतिक स्थिरता के कारण भारत में कई सुधार हुए हैं। इसके कारण ही देश में विकास हुआ है।
>> फर्जी खबरें समाज में अराजकता पैदा कर सकती हैं। समाचार स्रोतों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इनका इस्तेमाल सामाजिक अशांति को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
>> साइबरस्पेस ने अवैध वित्तीय गतिविधियों और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक बिल्कुल नया आयाम पेश किया है। साइबर खतरों को बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। साइबर आतंकवाद, ऑनलाइन कट्टरपंथ, मनी लॉन्ड्रिंग बिल्कुल हिमशैल की नोक की तरह है। आतंकवादी नापाक मकसदों को पूरा करने के लिए डार्कनेट, मेटावर्स, क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
>> रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी ने कहा कि संघर्षों को हल करने का एकमात्र तरीका बातचीत और कूटनीति है।
>> पीएम मोदी ने कश्मीर, अरुणाचल में जी20 बैठक पर पाकिस्तान, चीन की आपत्तियों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि देश के हर हिस्से में बैठकें आयोजित करना स्वाभाविक है।
>> एक दशक से भी कम समय में पांच पायदान की छलांग लगाने के देश के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत निकट भविष्य में दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगा।
>> लंबे समय तक भारत को 1 अरब भूखे पेटों वाले देश के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब यह 1 अरब आकांक्षी दिमाग, 2 अरब कुशल हाथों का देश है। आज भारतीयों के पास विकास की नींव रखने का शानदार मौका है जिसे अगले हजारों वर्षों तक याद रखा जाएगा।
>> 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र होगा। हमारे जीवन में भ्रष्टाचार, जातिवाद और साम्प्रदायिकता का कोई स्थान नहीं होगा।
>> ‘सबका साथ, सबका विकास’ विश्व कल्याण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत भी हो सकता है।
>> दुनिया का जीडीपी केंद्रित दृष्टिकोण अब मानव-केंद्रित में बदल रहा है। इसमें भारत उत्प्रेरक की भूमिका निभा रहा है।
>> भारत की जी20 अध्यक्षता से कई सकारात्मक प्रभाव पड़े हैं। कुछ मेरे दिल के बहुत करीब है।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार के द्वारा 18 से 22 सितंबर तक के लिए पांच दिनों का संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। हालांकि अभी तक इसका एजेंडा नहीं बताया गया है। वहीं, एक देश, एक चुनाव को लेकर कमेटी भी गठित की गई है। इसकी अध्यक्षता देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ केविंद कर रहे हैं। इस कमेटी में अमित शाह और गुलाम नबी आजाद सहित कई दिग्गज शामिल हैं।