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नई दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi Disqualified) की संसद की सदस्यता समाप्त कर दी है. सूरत कोर्ट (Surat Court) ने कल ही उनको दो साल की सजा सुनाई थी. उनको 30 दिन तक उच्च अदालत में अपील करने का वक्त दिया गया था. लेकिन लोकसभा सचिवालय की तरफ से इस संबंध में शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई है. राहुल गांधी पर 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान ‘मोदी’ सरनेम को लेकर विवादित टिप्पणी करने का आरोप लगा था.
इस पर राहुल के खिलाफ गुजरात भाजपा के विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. इस पर कल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था. लेकिन यह पहला मामला नहीं है जब किसी सांसद की सदस्यता समाप्त की गई हो. इससे पहले भी कई सांसदों की अलग-अलग वजहों से सदस्यता जा चुकी है.
भारतीय संसद के इतिहास में ऐसे कई सांसद हैं जोकि अपनी सदस्यता गंवा चुके हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई 2013 को लिली थामस वर्सेज यूनियन ऑफ इंडिया केस में बड़ा फैसला दिया था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के लागू होने के बाद सबसे पहले लालू यादव (Lalu Yadav) की सदस्यता गई थी. साल 2013 में लालू यादव को चारा घोटाला (Fodder Scam) मामले में कोर्ट से सजा सुनाई गई थी. इसके बाद उनकी संसद सदस्यता खत्म कर दी गई थी. इसके साथ ही उनके चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी गई थी. वह अभी तक चुनाव लड़ने के अयोग्य बने हुए हैं.
इसके अलावा बिहार की राजनीति में एक बड़ा नाम जेडीयू के सांसद रहे जगदीश शर्मा का है. बिहार के जहानाबाद से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के सांसद जगदीश शर्मा को गोड्डा कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सजा सुनाई थी. कोर्ट ने जगदीश शर्मा को 4 साल की कैद और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. इसके बाद उनकी संसद सदस्यता समाप्त हो गई थी.
अब बात करें लक्षद्वीप के सांसद रहे पीपी मोहम्मद फैजल की तो अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई. इसके बाद उनकी सदस्यता चली गई थी. चुनाव आयोग ने लक्षद्वीप लोकसभा सीट के उप-चुनाव की घोषणा भी कर दी थी. लेकिन इसी बीच केरल हाईकोर्ट ने पीपी मोहम्मद फैजल की सजा पर रोक लगा दी. हालांकि यह केस सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. फैजल पर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीएम सईद और मोहम्मद सालिया पर जानलेवा हमला करने का आरोप है.
इसके अलावा इस लिस्ट में कांग्रेस सांसद रशीद मसूद भी पीछे नहीं रहे हैं. मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के एमबीबीएस सीट घोटाला केस में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रहे काजी रशीद को सजा सुनाये जाने के बाद अपनी सदस्यता से हाथ धोना पड़ा था. कांग्रेस ने रशीद को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में भेजा था. साल 2013 में कोर्ट ने उन्हें 4 साल की सजा सुनाई थी.
उत्तर प्रदेश की फैजाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद मित्रसेन यादव की भी साल 2009 में संसद सदस्यता समाप्त कर दी गई थी. उनको धोखाधड़ी के एक मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद वह अयोग्य घोषित कर दिए गए थे. उन पर ‘जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951’ के तहत कार्रवाई की गई थी.
पूर्व PM इंदिरा गांधी की सदस्यता 1978 में कर दी गई थी समाप्त
इस बीच देखा जाए तो साल 1978 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का आरोप लगाया गया था. उन पर काम में बाधा डालने, कुछ अधिकारियों को धमकाने, शोषण करने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगा था. इसके बाद संसद में साधारण प्रस्ताव के जरिए 20 दिसंबर 1978 को उनकी संसद सदस्यता खत्म कर दी गई थी. साथ ही सत्र चलने तक जेल भेजने का आदेश दिया गया था. हालांकि एक महीने बाद लोकसभा ने उनका निष्कासन वापस ले लिया था और सदस्यता बहाल कर दी थी.
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत कई विधायक भी गंवा चुके सदस्यता
इतना ही नहीं ‘जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951’ के तहत कई सांसदों के अलावा कई विधायक और विधान परिषद के सदस्य भी अपनी सदस्यता गंवा चुके हैं. इन मामलों में सबसे चर्चित मामला यूपी के कद्दावर नेता माने जाने वाले आजम खान का है. रामपुर सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे आजम खान को भी पीएम नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने पर अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी. पीएम पर अभद्र टिप्पणी करने पर कोर्ट ने उनको दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई थी. इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी.
इस तरह के दूसरे मामलों पर नजर डाली जाए तो महाराष्ट्र के बीजेपी के विधायक सुरेश हलवंकर, महाराष्ट्र के विधायक पप्पू कलानी, मध्य प्रदेश की बीजेपी की विधायक आशा रानी के अलावा झारखंड के ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के एमएलए कमल किशोर भगत भी अलग-अलग मामलों में दोषी करार दिए जाने के बाद अपनी विधानसभा सदस्यता गंवा चुके हैं.
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Tags: Congress, Indian Parliament, Loksabha, Rahul gandhi
FIRST PUBLISHED : March 24, 2023, 16:10 IST
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