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नई दिल्ली. देश अपने अमृत काल में प्रवेश कर चुका है. दो साल के कोविड पाबंदियों के बाद इस साल से गणतंत्र दिवस समारोह अपने आप में ही अलग और खास होने वाले वाला है. पहली बार कर्तव्य पथ पर मार्च पास्ट और फ़्लाई पास्ट के ज़रिए आत्मनिर्भर भारत की सामरिक ताक़त से दुनिया को रूबरू कराया जाएगा.
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 9:51 पर नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी. उसके बाद सलेयूटिंग डायस पर वे राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे. सुबह 10:30 बजे सुप्रीम कमांडर के ध्वजारोहण से परेड की शुरुआत होगी और इसका समापन 2 घंटे 14 मिनट बाद 12:05 पर होगा.
गणतंत्र दिवस फ्लाई पास्ट: हमेशा से ही फ़्लाई पास्ट गणतंत्र दिवस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र रहा है और इस साल कर्तव्यपथ पर होने वाले फ़्लाई पास्ट में तीनों सेना के 50 एयरक्रफ्ट हिस्सा लेंगे… जिनमें वायुसेना के 45, एक नौसेना और 4 थलसेना के होंगे. इनमें 18 हेलिकॉप्टर, 8 ट्रांसपोर्ट, 1 विंटेज एयरक्रफ्ट और 23 फाइटर प्लेन हिस्सा लेंगे. ख़ास बात तो ये है कि इस फ़्लाई पास्ट में आकर्षण के केंद्र में नौसेना का एक विमान हिस्सा ले रहा है जो कि 42 साल की सर्विस में पहली बार कर्तव्य पथ पर उड़ान भरेगा और शायद ये उसकी आखिरी उड़ान होगी क्योंकि इसके बाद ये विमान नौसेना से रिटायर हो जाएगा.
इस विमान का नाम है IL-38… ये विमान एक टोही विमान है जो कि पिछले 42 साल से दुश्मन की समुद्र में हर मूवमेंट और राहत के कार्य को बेहतर तरीक़े से अंजाम देता आया है. इस साल के परेड का शो स्टॉपर है दुनिया का सबसे ताक़तवर लड़ाकू विमान रफाल जो कि परेड की आख़िर में उड़ान भरते हुए मंच के सामने से वर्टिकल चार्ली ड्रिल को अंजाम देगा. इस साल अलग-अलग फॉर्मेशन में कुल 9 रफाल विमान हिस्सा लेंगे.
इस साल फ़्लाई पास्ट को हमेशा की तरह दो हिस्सों में बांटा गया है… जिनमें पहले हिस्से में ध्वज फ़ार्मेशन में 4 Mi-17 1V/ V5 हेलिकॉप्टर भारतीय ध्वज और तीनों सेना के ध्वज लेकर सुप्रीम कमांडर के सामने से उड़ान भरते हुए उन्हें सैल्यूट करेंगे… उसके बाद डायमंड फ़ॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए थलसेना के अटैक हेलिकॉप्टर डायस के सामने से उड़ान भरेंगे और फिर 3 मिग 29 बाज विंग फॉरमेशन में फ़्लाई करेंगे…
दूसरे चरण का फ़्लाई पास्ट स्वदेशी लाइट कॉम्बेट हेलिकॉप्टर प्रचंड की अगुवाई में दो अपाचे और दो एएलएच मार्क 4 के एरो फ़ॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए होगी. इसके बाद सारंग फ़ॉर्मेशन में 5 एएलएच सारंग हेलिकॉप्टर ट्राई कलर छोड़ते हुए कर्तव्य पथ के उपर से गुजरेंगे. तंगेल फ़ॉर्मेशन में विंटेज एयरक्राफ्ट डकोटा और 2 डॉर्नियर, वजरांग फ़ॉर्मेशन में 1 C-130 और 4 रफाल, गरुड़ फ़ॉर्मेशन में नौसेना के IL-38 और 2 AN 32 , नेत्रा फ़ॉर्मेशन में 1 अवाक्स, 4 रफाल, भीम फ़ॉर्मेशन में 1 C-17 और 2 सुखोई-30, अमृत फॉरमेशन में 6 जैगुआर उड़ान भरेंगे. इसके बाद त्रिशूल फ़ार्मेशन में 3 सुखोई-30 त्रिशूल फ़ॉर्मेशन बनाते हुए आसमान में ग़ायब हो जाएंगे और इसके बाद फ़्लाई पास्ट के शो स्टॉपर रफाल वर्टिकल चार्ली करते हुए परेड का समापन होगा.
कर्तव्य पथ पर नया होगा समारोह: इस साल इस समारोह के लिए कई बदलाव किए गए हैं, जिसमें कोविड काल से पहले इस समारोह का हिस्सा बनने के लिये आने वाले दर्शकों की 2 लाख से ज़्यादा की संख्या को कम कर 45 हज़ार कर दिया गया है. हर साल रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से 50 से 60 हज़ार निमंत्रण बांटे जाते थे, जिसे कम करके 12 हज़ार कर दिया गया है. इस साल गणतंत्र दिवस समारोह को देखने आने वालों के लिए 32000 टिकट बेचे जा रहे हैं. चूंकि इस बार बैठने की व्यवस्था को बदला गया है, इसके चलते समारोह देखने आने वालों की संख्या में कटौती की गई है.
इस बार परेड भी लाल क़िले तक जाएगी. इससे पहले कोविड काल में इस दूरी को घटा दिया गया था, तब परेड नेशनल स्टेडियम तक जाती थी और झांकियाँ लाल किले तक… इसके अलावा सेंट्रल विस्टा में काम करने वाले 200 श्रमजीवी, कर्तव्यपथ पर काम करने वाले 100 श्रमजीवी, 100 सब्ज़ी बेचने वाले, 100 मिल्क बूथ, छोटे दुकानदारों और रिक्शा चालकों को भी ख़ास तौर पर निमंत्रण दिया गया है.
इस साल मेट्रो के संचालन में भी बदलाव: सुरक्षा के लिहाज से हर साल मेट्रो को उद्योग भवन और केंद्रीय सचिवालय तक ही संचालित किया जाता था, लेकिन अब मेट्रो उद्योग भवन से केंद्रीय सचिवालय तक जाएगी, लेकिन उन्हीं यात्रियों के लिए जिनके पास समारोह देखने के लिए पास या निमंत्रण होगा.
बीटिंग रिट्रीट में दिखेगा 3500 ड्रोन का शो: इस साल बीटिंग रिट्रीट में जितनी भी धुन बजाई जाएगी वो सभी भारतीय धुन होंगी. इसके अलावा पिछले साल की तरह इस साल भी ड्रोन शो होगा. ये पहली बार होगा जब 3500 ड्रोन एक साथ किसी शो को अंजाम देंगे. इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन शो को इससे पहले सिर्फ़ चीन ने ही आयोजित किया था.
रक्षा सचिव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस समारोह सबसे अलग तरीक़े से मनाया जा रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि इस कार्यक्रम में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की भागीदारी हो… उसी का विशेष ध्यान रखकर पूरा कार्यक्रम बनाया गया है… गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत पिछले साल की तरह इस साल भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन 23 जनवरी से होगी, जिसका समापन 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट से होगा.
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Tags: Draupadi murmu, Narendra modi, Republic day, Republic Day Parade
FIRST PUBLISHED : January 18, 2023, 23:28 IST
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