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कुछ बच्चों के ढेर सारे दोस्त होते हैं तो वहीं कुछ बच्चे क्लासरुम से लेकर पार्क में भी बिल्कुल अकेले ही होते हैं। उनका कोई दोस्त नहीं होता। अपनी कमजोर सोशल स्किल की वजह से अक्सर ऐसे बच्चों को दोस्त बनाने में मुश्किल होती है। ऐसा नही है कि वो दोस्त बनाना नहीं चाहते लेकिन उनका संकोची स्वभाव उन्हें नए दोस्त बनने से रोक लेता है। ऐसे में बच्चों को एकाकीपन का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपका बच्चा भी सोशल स्किल के मामले में कमजोर है और उसके दोस्त नही हैं तो पैरेंट्स होने के नाते आप भी अपने बच्चे की नए दोस्त बनाने में हेल्प कर सकते हैं।
नए लोगों से हैलो कहना सिखाएं
बच्चा अगर किसी अनजान से बात करने से डरता है तो उसकी सोशल एंजायटी को दूर करने की कोशिश करें। इसके लिए आप बड़े ही प्यार से उसे हैलो कहने के लिए बोलें। सबसे पहले उसकी उम्र से छोटे और बराबर के बच्चों से भी मिलकर हैलो बोलने के लिए बोलें। एज का डिफरेंस कई बार बच्चों को शाई बना देता है। फैमिली मेंबर से पहले इंट्रोड्यूस करवाएं और उनसे दोस्ती बढ़ाने की पहल करें।
प्यार से पेश आएं
बच्चा अगर किसी से बात नहीं कर रहा तो उसे बेहद प्यार से समझाएं और बोलें। घर में एकदम से चिल्ला कर या डांटकर ऐसा करने को ना कहें। इससे बच्चों के मन में अनजान लोगों के प्रति डर बैठ जाता है और वो किसी से बात करना पसंद नहीं करते हैं। बच्चे को दूसरों की हेल्प करने और गुड हैबिट्स सिखाएं। जिससे कि दूसरे बच्चे उसकी तरफ अट्रैक्ट होकर दोस्ती का हाथ बढ़ाए। इससे बच्चे की सोशल स्किल अच्छी होगी और वो दोस्त आसानी से बना पाएगा।
मन की बात शेयर करना सिखाएं
कई बार बच्चे एक्टिव नहीं होते है और ज्यादा बात नहीं करते। इसलिए बच्चों को पहले अपने इमोशन पैरेंट्स के साथ शेयर करना सिखाएं। साथ ही बताएं कि कुछ दोस्तों से वो अपने मन की बात कह सकता है और बातें कर सकता है। इस काम के लिए आप उसे छोटे-छोटे टिप्स दे सकते हैं।
बच्चों को घर बुलाएं
बच्चों के लिए अपना घर सबसे सेफ प्लेस होता है। इसलिए बच्चे के दोस्त बढ़ाने के लिए आप उसके क्लासमेट्स और पार्क में साथ खेल रहे बच्चों को घर पर बुलाकर फन एक्टीविटीज करवा सकते हैं। जिससे कि बच्चा घर में बाकी बच्चों के साथ ठीक से घुलमिल सके।
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