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Vitamin B Deficiency Symptoms: कई बार सोते वक्त लोगों के हाथ-पैरों की नस चढ़ जाती है, जिससे बहुत परेशानी होती है. कई बार तो नस चढ़ने से लोग चलने-फिरने में भी दिक्कत महसूस करते हैं. आखिर किस विटामिन की कमी से ऐस…और पढ़ें
नस चढ़ने की वजह शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो सकती है.
हाइलाइट्स
- विटामिन B1, B6 और B12 की कमी से नस चढ़ सकती है.
- विटामिन D और कैल्शियम की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन होती है.
- हरी सब्जियां, फल, दूध, अंडा, मछली डाइट में शामिल करें.
Vitamins Related To Nerves: शरीर में नस चढ़ना एक कॉमन समस्या है, जिसका सामना लोगों को अक्सर करना पड़ता है. कई बार नस चढ़ जाए, तो लोगों के लिए उठना-बैठना भी दुश्वार हो जाता है. नस चढ़ने की कंडीशन तब पैदा होती है, जब शरीर की मांसपेशियां अचानक सिकुड़ जाती हैं और व्यक्ति को तेज दर्द महसूस होता है. यह समस्या आमतौर पर हाथ और पैरों में होती है. नस चढ़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन शरीर में जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की कमी भी इसकी वजह हो सकती है.
क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक विटामिन B1, विटामिन B6 और विटामिन B12 की कमी से नस चढ़ने की समस्या हो सकती है. ये विटामिन्स नसों और मांसपेशियों के बीच के कोऑर्डिनेशन को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं. खासकर विटामिन B12 की कमी से नसों पर असर पड़ता है और यह कमजोरी, सुन्नपन, झनझनाहट और मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बन सकता है. यह कमी बुजुर्गों, वेजिटेरियन लोगों और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों में ज्यादा देखी जाती है.
विटामिन बी12 के अलावा विटामिन D और कैल्शियम की कमी भी मांसपेशियों की सिकुड़न और नस नस चढ़ने का कारण बन सकती है. विटामिन D की कमी से शरीर में कैल्शियम का अवशोषण कम हो जाता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर पड़ जाती हैं और ऐंठन होने लगती है. इसलिए संतुलित धूप लेना और विटामिन D युक्त आहार का सेवन जरूरी है. नस चढ़ने का एक और कारण शरीर में पोटैशियम और मैग्नीशियम की कमी भी है. ये मिनरल्स मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में मदद करते हैं.
कई बार शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से भी नस चढ़ने की परेशानी होने लगती है. अगर आपको अक्सर नस चढ़ने की समस्या होती है, तो डॉक्टर से मिलकर अपने विटामिन और मिनरल लेवल की जांच करवानी चाहिए. इस परेशानी से बचने के लिए हरी सब्जियां, फल, दूध, अंडा, मछली, नट्स और साबुत अनाज डाइट में शामिल करें. रोज हल्की एक्सरसाइज और पर्याप्त पानी पीने की आदत बनाएं. अगर जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन B12 या अन्य सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं.
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