[ad_1]
टीटीपी बोला-हमने खत्म नहीं किया युद्धविराम
बहरहाल, इस खूंखार संगठन ने कहा कि उसने सरकार के साथ संघर्ष विराम समझौता खत्म नहीं किया है। पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’शनिवार को एक वीडियो में टीटीपी प्रमुख मुफ्ती नूर वली महसूद के हवाले से कहा, ‘हमने अफगानिस्तान की मध्यस्थता में पाकिस्तान के साथ वार्ता की थी। हम संघर्ष विराम समझौते के लिए अब भी तैयार हैं।’ महसूद के रुख में बदलाव उन खबरों के बीच आया है कि उसने पाकिस्तान में धार्मिक विद्वानों से सलाह ली है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के अनुसार, वीडियो संदेश में महसूद ने कहा कि अगर पाकिस्तान के धार्मिक विद्वानों को लगता है कि ‘ हमारे जिहाद की दिशा गलत’ है तो उनका संगठन इन विद्वानों द्वारा ‘मार्गदर्शन किए जाने के लिए तैयार’ है।
लगातार बढ़ रहे हैं हमले
टीटीपी प्रमुख ने कहा, ‘ अगर आपको हमारे द्वारा छेड़े गए जिहाद में कोई समस्या नजर आती है, अगर आपको लगता है कि हमने अपनी दिशा बदल दी है, हम भटक गए हैं, तो आपसे हमारा मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया जाता है। हम खुशी-खुशी अपनी दलीलें सुनने के लिए हमेशा तैयार हैं।’ महसूद की ये टिप्पणियां पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा के बीच आयी हैं।
पाकिस्तान पुलिस ने शनिवार को पंजाब प्रांत में खुफिया अभियान के दौरान टीटीपी के पांच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। दक्षिण वजीरिस्तान के मुख्यालय वाना में शुक्रवार को 5,000 से अधिक स्थानीय लोगों ने अपने इलाकों में बढ़ती हिंसा, आतंकवाद और अपहरण के खिलाफ रैली निकाली थी।
जारी हुआ नया निर्देश
4 जनवरी को टीटीपी की सर्वोच्च परिषद ने टीटीपी प्रमुख से मुलाकात पर एक नया निर्देश जारी किया, जब उसने अगले आदेश तक सुरक्षा चिंताओं को बताते हुए प्रमुख के साथ किसी भी बैठक पर प्रतिबंध लगा दिया, जहां उसी समय उसके सहयोगियों को अपने साथ ले जाने के लिए निर्देश जारी किए गए थे। आतंकवादी हमलों में वृद्धि के बीच देश का नागरिक और सैन्य नेतृत्व प्रतिबंधित टीटीपी को विस्तार को रोकने के लिए एक प्रमुख नीतिगत समीक्षा कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि बंद कमरे में बातचीत चल रही है और अगले कुछ हफ्तों में बड़े फैसले होने की उम्मीद है।
[ad_2]
Source link