यूपी, दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR), समेत अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए यह खबर बहुत जरूरी है। पर्यटकों की भारी भीड़ का देखते हुए ट्रैफिक प्लान बनाया गया है। ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए देहरादून से होकर मसूरी जाने वाले पर्यटकों को डायवर्ट भी किया जा सकता है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर विशेषतौर से फोकस रहेगा, ताकि शहर में जाम के झाम से आराम मिल सके। देहरादून पुलिस द्वारा इसके लिए वीकेंड पर ट्रैफिक प्लान बनाया है।
वीकेंड पर शुक्रवार शाम से बाहरी राज्यों के वाहनों को नेपालीफार्म से भानियावाला होते हुए रानीपोखरी, नटराज चौक से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा कैंपटी से दून ओर आने वाले वाहनों को विकासनगर होते हुए वापस भेजा जाएगा। डीजीपी अशोक कुमार ने अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश जारी किए। आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देख डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में यातायात निदेशक व जनपद प्रभारियों की बैठक ली।
पौड़ी के लक्ष्मणझूला क्षेत्र में टीएसआई की तैनाती की जाए। इसके अलावा ऋषिकेश में भी विशेष तौर पर यातायात निरीक्षक की तैनाती की उन्होंने जानकारी दी। उन्होंने कहा, चारधाम यात्रा को देखते हुए अतिरिक्त पीआरडी जवानों की मांग कर ली जाए। उन्होंने व्यवसायिक वाहनों को केवल रात्रि में चलने की परमिशन के भी निर्देश दिए।
बैठक में ये भी तय हुआ कि चीला मार्ग का उपयोग वन-वे के रूप में केवल निकासी के लिए किया जाएगा। हरिद्वार से चीला की ओर वाहनों को नहीं आने दिया जाए। डीएम एवं तमाम विभागों से समन्वय स्थापित कर वाहनों की पार्किंग के लिए कुछ अस्थायी पार्किंग स्थल भी चिन्हित करने के निर्देश दिए।
डायवर्जन प्लान, पार्किंग स्थलों की सूचना गूगल और मैपल के साथ समय से शेयर करने के भी निर्देश डीजीपी ने दिए। इसके साथ ही, ट्रैफिक अपडेट्स नियमित रूप से सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट करने को भी कहा। इस मौके पर एडीजी वी. मुरुगेशन, यातायात निदेशक मुख्तार मोहसिन, आईजी-गढ़वाल करन सिंह नगन्याल और एसपी ट्रैफिक अक्षय कोंडे सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
मसूरी रूट: शहर पार करने में लगा एक घंटा
गुरुवार दोपहर 12 बजे डाटकाली टनल से मसूरी डायवर्जन के लिए चले। यह मसूरी रूट है, जो शहर के भीतर से गुजरता है। ट्रांसपोर्टनगर तक सड़क ठीक थी, लेकिन आईएसबीटी फ्लाईओवर पर चढ़ने से पहले वाहन की रफ्तार थम गई। फ्लाईओवर की एप्रोच के पास नाले का काम जारी है, जिस कारण सड़क संकरी है, इससे ट्रैफिक बार-बार थम रहा था। शिमला बाईपास और मंडी चौक के बाद पटेलनगर लालपुल पर जाम में फंस गए।
चौराहा पार करते ही वाहनों की रफ्तार और धीमी पड़ गई। सहारनपुर चौक तक 20 से 25 की स्पीड में चले। चौक से जैसे आढ़त बाजार की ओर बढ़े, पहले गियर पर वाहन धीरे-धीरे आगे सरका। एक किमी दूर प्रिंस चौक तक आने में दस मिनट से ज्यादा समय लगा। तहसील चौक से हल्की रफ्तार में घंटाघर से राजपुर रोड पर चले। लेकिन, इस रोड की हालत बेहद खराब है। बहल चौक पर सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, यहां सड़क पर गड्ढा खुदा है, एक तरफ ही ट्रैफिक चल रहा है, जिससे जाम लग रहा है।
सहस्रधारा रूट: 16 किमी सफर में लग गए एक घंटा 15 मिनट
आईएसबीटी से सहस्रधारा क्रॉसिंग तक के लिए दोपहर एक बजे सफर शुरू किया। 16 किमी के सफर को पूरा करने में ही एक घंटा 15 मिनट लग गए। आईएसबीटी पर वाहनों का काफी दबाव था। जैसे ही आगे बढ़े तो कारगी चौक पर निर्माण कार्य और अवैध तरीके से खड़े वाहनों के कारण जाम लगा। रेड लाइट पर कुछ देर रुकने के बाद आगे पुरानी बाईपास चौकी में मुसीबत और बढ़ गई। दरअसल, यहां माता मंदिर रोड और बंजारावाला से भी ट्रैफिक पहुंचता है। वाहनों को निकलने के लिए जो कट हैं भी, उन्हें पुलिस ने बैरिकेडिंग से संकरा कर दिया है।