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UPSC IAS-IPS Exam: आईएएस ऑफिसर बनने के लिए दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक यूपीएससी परीक्षा पास करनी होती है। इसके लिए बहुत से अभ्यर्थी दिन-रात तैयारी करते हैं इसके बावजूद भी सफलता हाथ नहीं लगती। भारत में आईएएस, आईपीएस ऑफिसर बनने के लिए हर साल लाखों लोग तैयारी करते हैं, लेकिन बहुत ही कम लोग होते हैं जिन्हें यह मुकाम हासिल करने का गौरव प्राप्त होता है। ऐसे ही गौरवशाली लोगों में से एक परी बिश्नोई भी हैं। हाल में हरियाणा के विधायक से शादी होने के चलते उनका कैडर सिक्किम से बदलकर हरियाणा किया गया है जिससे एक बार फिर परी बिश्नोई चर्चा में हैं।
राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली आईएएस ऑफिसर परी बिश्नोई तीसरे प्रयास में 2019 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी। कहा जाता है कि परी बिश्नोई ने यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के लिए सालों तक सन्यासिनी जैसे जीवन बिताकर तैयारी की। यानी किसी भी शान-शौक और बाहरी दुनिया से खुद को अलग कर लिया था। परी जब तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक-35 हासिल कर कामयाबी का परचम लहराया तो हजारों लोग उन्हें एक रोल मॉडल के तौर पर मानने लगे।
परी बिश्नोई के पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके दादा गोपीराम बिश्नोई लगातार 4 बार अपने गांव के सरपंच रहे। उनके पिता मनीराम बिश्ननोई एक वकील हैं तो माता सुशीला बिश्नोई जीआरपी में ऑफिसर हैं। परी बिश्नोई की स्कूलिंग सैंट मैरी कन्वेंट स्कूल, अजमेर से हुई है। इसके बाद वह स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से की। इसके बाद अजमेर के एक विश्वविद्यालय ये पॉलिटिकल साइंस में परास्नातक की और नेट-जेआरएफ भी क्वॉलीफाइ की।
काफी कुछ पढ़ने जानने के बाद उन्होंने आईएएस ऑफिसर बनने की ठानी और तीसरे ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में एआईआर-35 के साथ शानदार सफलता हासिल की। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परी की मां ने बताया कि यूपीएससी तैयारी के लिए उन्होंने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स डिलीट कर दिए थे और फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था। उन्होंने दावा किया परी आईएएस ऑफिसर बनने के लिए एक सन्यासिनी जैया जीवन जीया है।
इसी साल मई में परी बिश्नोई की एंगैजमेंट हरियाणा के विधायक भव्य बिश्नोई के साथ हुई है। पहले उनका कैडर सिक्किम था जो अब हरियाणा में शादी होने के कारण उनका कैडर एक दिन पहले हरियाणा कर दिया गया है।
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