Home National When and where will disaster occur how much will rain Now accurate information will be available 2000 rain gauges and 450 weather stations inaugurated – कब कहां आएगी आपदा, कितनी होगी बारिश? अब सटीक मिलेगी जानकारी, 2000 रेनगेज और 450 वेदर स्टेशन का हुआ शुभारंभ, उत्तर प्रदेश न्यूज

When and where will disaster occur how much will rain Now accurate information will be available 2000 rain gauges and 450 weather stations inaugurated – कब कहां आएगी आपदा, कितनी होगी बारिश? अब सटीक मिलेगी जानकारी, 2000 रेनगेज और 450 वेदर स्टेशन का हुआ शुभारंभ, उत्तर प्रदेश न्यूज

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When and where will disaster occur how much will rain Now accurate information will be available 2000 rain gauges and 450 weather stations inaugurated – कब कहां आएगी आपदा, कितनी होगी बारिश? अब सटीक मिलेगी जानकारी, 2000 रेनगेज और 450 वेदर स्टेशन का हुआ शुभारंभ, उत्तर प्रदेश न्यूज

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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा है कि प्रदेश में आपदा व बारिश की अब और सीटक जानकारी पहले से मिल सकेगी। उन्होंने बात शनिवार को प्रदेश में लगाए जा रहे 2000 ऑटोमैटिक रेनगेज व 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन के शुभारंभ के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ये स्टेशन न सिर्फ मौसम की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराएंगे, बल्कि प्रारंभिक चेतावनी देने व आपदा पूर्व तैयारियों को भी बेहतर बनाने में उपयोगी होंगे। ये स्टेशन सीधे तौर पर बाढ़, गर्मी, लू, शीत लहर, सूखा, आंधी, तूफान, भारी वर्षा के प्रबंधन में लाभकारी होंगे।

मौसम विभाग के पास मौजूदा समय प्रदेश में 69 स्वचालित मौसम स्टेशन और स्वचालित यंत्र उपलब्ध हैं, जो कि प्रदेश की आपदा संवेदनशीलता को देखते हुए कम हैं। इसको ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग ने मौसम संबंधी जानकारी के लिए नई परियोजनाएं शुरू की हैं। इसके तहत हर तहसील में एक व शहरी क्षेत्रों में को मिलाकर 450 स्वचालित मौसम स्टेशन और प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो कुल 2000 स्वचालित रेन गेज स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।

स्वचालित इन मौसम स्टेशन व स्वचालित वर्षामापी स्टेशन और पर्यावरण निगरानी के लिए रियल-टाइम, तापमान, आर्द्रता, वायुमंडलीय दबाव, वर्षा, हवा की गति, हवा की दिशा जैसे सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए ये सेंसर से लैस हैं। यहां से 15 मिनट (या जो समयांतराल निर्धारित किया जाए) के अंतराल पर इंटरफेस सेंसर का उपयोग करके मौसम संबंधी मापदंडों का माप लेने के लिए पूर्व-प्रोग्राम किया गया है। यहां से प्राप्त डाटा का उपयोग आपदा प्रबंधन, आपदा पूर्व तैयारी, मौसम  पूर्वानुमान, जलवायु  अनुसंधान, सूखा प्रबंधन और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग आदि उपस्थित थे।

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