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Dangers of workplace relationships: ऑफिस में रोज़ाना घंटों साथ काम करते-करते कई बार कलीग के बीच नज़दीकियां बढ़ जाती हैं और धीरे-धीरे रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल जाता है. हालांकि ऑफिस रोमांस या अफेयर का चलन आजकल बहुत आम हो गया है, लेकिन यह जितना एक्साइटमेंट भरा दिखता है, उतना ही जटिल और खतरनाक भी हो सकता है. एक गलत कदम करियर, मेंटल हेल्थ और प्रोफेशनल, इमेज तीनों को खतरे में डाल सकता है. एक सर्वे के अनुसार, CareerBuilder की एक रिपोर्ट में सामने आया कि लगभग 36% कर्मचारी अपने ऑफिस में किसी के साथ रोमांटिक रिलेशन में रह चुके हैं, लेकिन इनमें से कई मामलों में रिश्ता खत्म होने के बाद काम का माहौल तनावपूर्ण हो गया. इससे न केवल दोनों व्यक्तियों को बल्कि आसपास के सहकर्मियों को भी असहजता महसूस हुई.
ऑफिस अफेयर से जुड़ी परेशानियां(Office Romance Risks)–
गॉसिप और प्रोफेशनल इमेज – अगर किसी को आपके रिश्ते के बारे में पता चल जाए तो ऑफिस में गॉसिप होना तय है, जिससे आपकी प्रोफेशनल इमेज खराब हो सकती है.
बॉस और जूनियर का रिश्ता – अगर अफेयर किसी सीनियर और जूनियर के बीच है तो पावर डायनामिक्स के कारण इसे ऑफिस पॉलिसी का उल्लंघन माना जा सकता है.
ब्रेकअप के बाद तनाव – अगर रिश्ता खत्म हो जाता है, तो रोज उसी इंसान के साथ काम करना मानसिक तौर पर थका देने वाला अनुभव बन सकता है.
बायस और पक्षपात का आरोप – अगर आपके पार्टनर को प्रमोशन या कोई खास जिम्मेदारी मिलती है, तो बाकी सहकर्मी इसे पक्षपात समझ सकते हैं.
अगर प्यार में हैं तो अपनाएं ये उपाय(How to handle office affairs)-
ऑफिस पॉलिसी को पढ़ें- हर कंपनी की अपनी एक आचार संहिता होती है. कुछ कंपनियां ऑफिस रोमांस की इजाजत देती हैं, लेकिन उसकी जानकारी HR को देना जरूरी होता है. इसलिए सबसे पहले कंपनी की नीति को समझें.
सीमाएं तय करें– वर्कप्लेस पर एक-दूसरे के साथ प्रोफेशनल रवैया अपनाएं. न तो अधिक पर्सनल बातें करें और न ही रोमांटिक बॉन्डिंग को जाहिर करें. ऑफिस के बाहर अपने रिश्ते को समय दें.
ब्रेकअप की स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें- अगर रिश्ता टूट जाए तो भी खुद को भावनात्मक रूप से संभालने के लिए पहले से तैयार रहें. एक प्रोफेशनल की तरह व्यवहार करें और काम पर इसका असर न आने दें.
इसे भी पढ़ें:बेहतर रिलेशनशिप के लिए मैच्योरिटी जरूरी, कैसे समझें आपके रिश्ते में परिपक्वता है या नहीं? 5 संकेतों से करें पहचान
वर्क और पर्सनल लाइफ को अलग रखें- काम की बातचीत को ऑफिस तक सीमित रखें और व्यक्तिगत मामलों को वर्कप्लेस से दूर रखें. इससे न केवल काम में फोकस बना रहेगा बल्कि रिश्ते में भी परिपक्वता आएगी.
किसी विश्वसनीय व्यक्ति से सलाह लें– अगर रिलेशनशिप को लेकर कन्फ्यूजन हो तो किसी करीबी दोस्त या फैमिली मेंबर से बात करें. बाहर से देखने वाला इंसान आपको ज़्यादा संतुलित सुझाव दे सकता है.
प्यार जरूरी है लेकिन समझदारी उससे भी ज्यादा!
ऑफिस अफेयर अगर सही तरीके से संभाला जाए तो यह रिश्ते के साथ-साथ प्रोफेशनल जीवन को भी नुकसान से बचा सकता है. लेकिन अगर इसे हल्के में लिया गया तो यह करियर के लिए घातक बन सकता है. इसलिए प्यार करें, लेकिन सोच-समझकर और नियमों के दायरे में रहकर.
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