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कमल पिमोली/पौड़ी गढवाल. कहते हैं यदि इंसान के अंदर दृढ़ संकल्प हो तो वो कुछ भी कर सकता है. और अगर बात 2,700 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर केदारनाथ धाम पहुंचने की हो तो आस्था, इच्छा शक्ति ही आपको मंजिल तक पहुंचा सकती है. असम के कुछ युवा भी इसी इच्छाशक्ति को लेकर बाबा केदारधाम की यात्रा पर निकले हैं. अभी तक 2,000 किमी की यात्रा तय कर कई राज्यों को पार करने के बाद यह युवा उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल पहुंचे हैं. इनमें एक युवा असम की राजधानी गुवाहटी से पैदल केदारनाथ की यात्रा पर है. तो अन्य युवा साइकिल से बाबा केदारधाम के लिए निकले हैं. इस दौरान यह युवा आमजन को नशे के खिलाफ जागरूक कर रहे हैं और किस तरह नशे के मकड़जाल से बाहर निकलें, इसकी भी जानकारी दे रहे हैं.
लंका असम से साइकिल पर केदारनाथ की यात्रा पर निकले राजदीप बताते हैं कि वें इससे पहले भी केदारनाथ धाम की यात्रा साइकिल से पूरी कर चुके हैं. यह दूसरी बार उनकी यात्रा है बताया कि 16 जुलाई को उन्होंने लंका असम से साइकिल यात्रा शुरू की थी इस दौरान उन्होंने रास्तों में पडने वाले मठ मंदिरों के दर्शन भी किये व लोगों को नशे के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं. राजदीप बताते हैं कि नई युवा पीढ़ी नशे के प्रति काफी आकर्षित हो रही है. और नशे की चपेट में आने के बाद अपना जीवन बर्बाद कर रही है. उनका एक दोस्त भी स्मैक जैसे नशे की चपेट में आया जिससे आहत होकर उन्होंने नशे के प्रति लोगों को जागरूक करने का ये अभियान शुरू किया.
वो बताते हैं कि उनका उद्देश्य है कि लोग खास तौर पर युवा नशा छोड़ कर आध्यात्म की ओर जागरूक हों. वहीं, असम के अभिबर्मन ने बताया कि उनकी साइकिल से यात्रा करने का मुख्य उद्देश्य यह था कि वें पर्यावरण का नुकसान न पहुचाये बताते हैं कि पेट्रोल वाहनों से इतर साइकिल बेहतर साधन है. इससे आपकी फिटनेस भी बनी रहती है.
100 दिन की यात्रा में पहुंचेंगे केदारनाथ
केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा पर निकले अजय डे बताते हैं कि श्रीनगर पहुंचने तक उनकी 90 से अधिक दिन की यात्रा हो चुकी है. वे असम गुवाहाटी से यात्रा शुरू की रास्ते में असम के ही राजदीप व भी उन्हें मिले अब तीनों साथ में बाबा के धाम तक आगे की यात्रा करेंगे. बताया कि भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हर कोई तनाव से ग्रसित है. हर कोई किसी न किसी चीज को लेकर संघर्ष कर रहा है. लोगों को करीब से जानने व उन्हें मानसिक तनाव से दूर रहने समेत सनातन धर्म का प्रचार -प्रसार के लिए यह यात्रा है. बताया कि अभी केदारनाथ धाम पहुंचने में 4 दिन और लग सकते हैुं. लेकिन जिस तरह से भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं तो ऐसा लग रहा है कि उनकी केदारनाथ धाम की यात्रा सेंचुरी यानी 100 दिनों में पूरी होगी.
घरवालों का पूरा सहयोग, सनातन का लहरायेंगे परचम
असम से निकले यह तीनों युवा विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक तो कर ही रहे हैं. साथ ही सनातन धर्म का प्रचार प्रसार भी कर हे हैं. युवाओं का कहना है कि उनके परिवार के लोगों का उन्हें पूरा सहयोग है. रोज एक बार घर जरूर बात होती है. हालांकि घर चाले कई बार चिंतित हो जाते हैं कि उनका बेटा किस हाल में रात बिता रहा होगा. लेकिन वें इस बात से खुश हैं कि हम कुछ अलग कर रहे हैं.
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Tags: Kedarnath yatra, Local18, Pauri Garhwal News, Religion 18, Uttarakhand news
FIRST PUBLISHED : August 20, 2023, 10:11 IST
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