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प्यार अंधा होता है और प्यार में पड़ा इंसान जाति, धर्म, देश, ऊंच-नीच और उम्र किसी बात की परवाह नहीं करता। यह बात पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर और भारत की अंजू पर एकदम फिट बैठती है। दोनों ही महिलाओं ऑनलाइन इश्क के चक्कर में अपने-अपने देश की सीमाएं लांघकर एक दूसरे के देश में पहुंच गई हैं। सीमा हैदर हो या अंजू कथित तौर पर दोनों को ही उम्र में अपने से छोटे युवक के प्यार में अंधी होकर अंजाम की परवाह किए बिना अपना बसा-बसाया घर-परिवार छोड़कर निकल पड़ीं। हालांकि, सीमा और अंजू के मामले में बस एक अंतर है। सीमा अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी, जबकि अंजू वीजा लेकर पाकिस्तान गई है।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के अलवर में अपने परिवार के साथ रहने वाली 35 वर्षीय अंजू फेसबुक पर बने अपने मुस्लिम आशिक से मिलने पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ऊपरी दीर जिले में पहुंच गई है। पहले से शादीशुदा और दो बच्चों की मां अंजू की 29 वर्षीय पाकिस्तानी व्यक्ति नसरुल्ला से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी और फिर उसे उससे प्यार हो गया।
फेसबुक पर प्यार… पति और 2 बच्चे छोड़ भारत की अंजू भी गई बॉर्डर पार
25 दिसंबर 1988 को पैदा हुई अंजू का जन्म उत्तर प्रदेश के कैलोर गांव में हुआ था और अभी वह अपने पति और बच्चों के साथ राजस्थान के अलवर जिले में रहती थी। कैलोर जालौन जिले के माधवगढ़ विकास खंड में जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित है।
पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, महिला के पास ऊपरी दीर जिले के कुलशो गांव जाने के लिए वैध यात्रा दस्तावेज हैं, जहां उसका फेसबुक फ्रेंड दोस्त नसरुल्ला रहता है। अंजू ने रविवार को दीर खास में स्थानीय पत्रकारों को बताया कि वह नसरुल्लाह से प्यार करती है।
उसने बताया कि पहले उनकी बातचीत फेसबुक पर हुई और बाद में उनकी दोस्ती गहरे प्यार में बदल गई, जिसके बाद उसने अपना देश छोड़कर पाकिस्तान आने का फैसला किया। अंजू ने कहा कि उसने यात्रा पाकिस्तानी वीजा के लिए आवेदन किया था और किस्मत से वह अपनी मंजिल तक पहुंच गई। वैध यात्रा दस्तावेज रखते हुए, अंजू नसरुल्ला से शादी करना चाहती है।
नसरुल्ला और अंजू दोनों ने पुलिस को बताया कि वे एक-दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे। ईसाई धर्म से ताल्लुक रखने वाली महिला तलाकशुदा बताई गई है। यह उसकी पाकिस्तान की पहली यात्रा है और वह पहले रावलपिंडी पहुंची थी, जहां नसरुल्ला से 22 जुलाई को उसे ऊपरी दीर ले गया। नसरुल्ला उसी गांव का रहने वाला है और उसने दीर गवर्नमेंट कॉलेज से बीएससी की है।
दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग को भेजे गए आंतरिक मंत्रालय के एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, चांसरी को सूचित किया गया था कि भारतीय नागरिक अंजू को 30 दिन का वीजा देने का निर्णय लिया गया है, जो केवल ऊपरी दीर अपर के लिए वैध है।
क्षेत्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, भारतीय महिला के यात्रा दस्तावेज सही पाए गए हैं और उसे नसरुल्लाह के साथ रहने की अनुमति दी गई है, जिसे उसकी देखभाल करने का निर्देश दिया गया है।
ऊपरी दीर जिले के पुलिस अधिकारी मुश्ताक खान ने पत्रकारों को बताया कि उसका वीजा वैध है और वह एक महीने तक वहां रह सकती है। मुश्ताक ने कहा कि जब अंजू के आने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो कई पत्रकार उनके घर पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि वह वहां मौजूद नहीं थीं।
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