[ad_1]
ऐप पर पढ़ें
खालिस्तान के मुद्दे पर हुई भारत और कनाडा के बीच आई तल्खियों के बीच ब्रिटिश कोलंबिया के प्रमुख डेविड एबी ने कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का यकीन है कि कनाडा की सरकार खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपा रही है। बता दें प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के प्रमुख निज्जर की जून में ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
डेविड एबी ने कहा कि निज्जर की हत्या के बारे में उन्हें जो कुछ भी पता था वह सार्वजनिक दायरे में था। एबी ने कहा यह जानकारी कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) निदेशक के साथ एक ब्रीफिंग के बावजूद आई है। एबी ने मीडिया को बताया, “मैं समझता हूं कि सीएसआईएस को नियंत्रित करने वाले अधिनियम में सुधार की जरूरत है ताकि वे इस जानकारी को साझा करने में सक्षम हो सकें।”
वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि उनके देश ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की संलिप्तता के बारे में ”विश्वसनीय आरोपों” के सबूत भारत के साथ कई सप्ताह पहले साझा किए थे और कनाडा चाहता है कि नई दिल्ली इस गंभीर मसले पर तथ्यों की तह तक जाने के लिए ओटावा के साथ प्रतिबद्धता के साथ काम करे। भारत ने 2020 में निज्जर को आतंकवादी घोषित किया था।
भारत ने इन आरोपों को ‘बेतुका’ और ‘प्रेरित’ कहकर आक्रामक रूप से खारिज कर दिया और इस मामले में कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया। ट्रूडो ने कनाडा की यात्रा पर आए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को कहा, ”मैं बस यह कहना चाहता हूं कि हमने हफ्तों पहले उन आरोपों, उन विश्वसनीय आरोपों को भारत के साथ साझा किया था। हम अपने साझेदारों के साथ काम कर रहे हैं।”
उन्होंने एक सवाल पर कहा, ”और हम चाहते हैं कि भारत इस स्थिति पर तथ्यों की तह तक जाने के लिए कनाडा के साथ प्रतिबद्धता के साथ काम करे। हम उनके साथ काम करने के लिए तैयार हैं और हम कई हफ्तों से काम कर रहे हैं।” ट्रूडो ने कहा, ”कनाडा ने विश्वसनीय आरोपों को भारत के साथ साझा किया है जिनके बारे में मैंने सोमवार को बात की थी। हमने कई सप्ताह पहले यह जानकारी साझा की थी…हम उम्मीद करते हैं कि वे हमारे साथ बातचीत करेंगे ताकि हम इस बेहद गंभीर मामले की तह तक जा सकें।”
भारत ने बृहस्पतिवार को कनाडा से उसके देश से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे आतंकवादियों और भारत विरोधी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा था और कनाडाई नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी थी। कनाडा के इस मामले में कोई सूचना भारत के साथ साझा किए जाने के बारे में पूछने पर नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने कहा, ”कनाडा ने इस मामले पर तब या उससे पहले या बाद में कोई खास जानकारी साझा नहीं की। आप जानते हैं कि जैसा कि हमने कहा है या मुझे लगता है कि हमने स्पष्ट किया है कि हम किसी भी विशेष सूचना पर विचार करने के लिए तैयार हैं।”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने नयी दिल्ली में कहा, ”हमने कनाडाई पक्ष को इससे अवगत करा दिया है और उन्हें यह स्पष्ट कर दिया है कि हमें उपलब्ध करायी गयी किसी भी विशेष सूचना पर गौर के लिए हम तैयार है। लेकिन अभी तक हमें कोई खास सूचना नहीं मिली है।”
भारत ने यह भी कहा कि उसके पास कनाडाई सरजमीं से कुछ लोगों द्वारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिए जाने के बारे में ”ठोस सबूत” हैं और उसने नियमित आधार पर कनाडाई प्राधिकारियों के साथ इसे साझा किया है लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। कनाडा की मीडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में कनाडाई सरकार से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा है कि सिख अलगाववादी नेता की हत्या में भारत की संलिप्तता के आरोप इंसानी तथा खुफिया जानकारी तथा ओटावा के ‘फाइव आइज’ खुफिया नेटवर्क के एक सहयोगी देश से मिली गोपनीय सूचनाओं पर आधारित हैं।
[ad_2]
Source link