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नजम सेठी और जका अशरफ
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अंदर कोई ना कोई नया बखेड़ा खड़ा होता रहता है। पिछले साल अचानक रमीज राजा को चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। उसके बाद एक पैनल का बोर्ड का कार्यभार संभालने के लिए गठन हुआ और उसके अध्यक्ष बनाए गए नजम सेठी। उस बीच शाहिद अफरीदी अंतरिम सेलेक्टर बने और कुछ ही दिन बाद उन्हें हटाकर हारून रशीद ने पद संभाला। अब खबरें थीं कि जका अशरफ बोर्ड के नए अध्यक्ष बनने वाले हैं, लेकिन एक बार फिर से बोर्ड के अंदर नया बवाल खड़ा हो गया है। इस कारण अशरफ के अध्यक्ष बनने की राह में रुकावट पैदा हो सकती है।
क्या है पूरा बवाल?
पीटीआई/भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में देरी हो सकती है। क्योंकि पूर्व प्रबंधन समिति के दो सदस्यों ने लाहौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। लाहौर उच्च न्यायालय में पूर्व सदस्य शकील शेख और गुल जादा द्वारा जका अशरफ को अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त करने वाली चुनाव प्रक्रिया और नए प्रमुख का चुनाव करने वाले ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’, BOG की वैधता के खिलाफ दो याचिकाएं दायर की गई हैं। कोर्ट द्वारा इस पर सुनवाई होगी जिसके बाद कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। याचिकाकर्ताओं ने न्यायाधीश से अध्यक्ष के चुनाव पर रोक लगाने और बीओजी को तब तक निलंबित करने का अनुरोध किया है जब तक कि उनकी याचिकाओं पर फैसला नहीं आ जाता है।

Zaka Ashraf
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने दिए दो नाम
बोर्ड के एक सूत्र ने इसको लेकर बताया कि, यह एक मुश्किल स्थिति है क्योंकि चुनाव आयुक्त और बोर्ड के निवर्तमान अध्यक्ष ने ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ में किए गए बदलावों के बाद नए अध्यक्ष के लिए चुनाव कराने की तारीख 27 जून निर्धारित की है। गौरतलब है कि अशरफ 2012 में जब पीसीबी अध्यक्ष थे तब भी उन्हें अपने तत्कालीन चेयरमैन नजम सेठी से इसी तरह की कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। उस समय देश के सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें एक बार अपना पद छोड़ने का आदेश भी दे दिया था। दरअसल पूरी प्रक्रिया के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पीसीबी के प्रमुख संरक्षक होते हैं। वह बीओजी के लिए दो उम्मीदवारों को नामांकित करते हैं और उनमें से एक को अध्यक्ष के रूप में चुना जाता है। इसी कड़ी में शाहबाज शरीफ ने बीओजी में जका अशरफ और मुस्तफा रामदे को अपने उम्मीदवार के रूप में नामित किया।
पाकिस्तान क्रिकेट के अंदर यह अनिश्चितता ऐसे समय में आई है जब आईसीसी और बीसीसीआई मंगलवार को वनडे विश्व कप के कार्यक्रम की घोषणा करने वाले हैं। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि, अगर लाहौर उच्च न्यायालय याचिकाओं पर कोई स्थगन आदेश जारी करता है तो यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बुरी स्थिति होगी। ऐसे समय में जब पीसीबी को आईसीसी और बीसीसीआई से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, एक निर्वाचित अध्यक्ष होना अहम है। जका अशरफ ने हाल ही में एशिया कप के हाइब्रिड मॉडल के खिलाफ बयान देकर सुर्खियां बटोरी थीं।
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