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जोधपुर: MDM अस्पताल में चूहे कुतर रहे मरीजों के पैर, 4 मरीजों को बनाया शिकार

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जोधपुर: MDM अस्पताल में चूहे कुतर रहे मरीजों के पैर, 4 मरीजों को बनाया शिकार

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हाइलाइट्स

जोधपुर के मथुरादास माथुर के बदतर हालात
चूहों के आतंक से खौफ में आए मरीज और उनके परिजन
अस्पताल प्रशासन ने हालात स्वीकारते हुए दिया ये बड़ा तर्क

रंजन दवे.

जोधपुर. जोधपुर शहर में स्थित संभाग के सबसे बड़े सरकारी मथुरादास माथुर अस्पताल (Mathuradas Mathur Hospital Jodhpur) में चूहों ने आतंक मचा रखा है. यहां एक बार फिर से मरीजों को चूहों (Rats) के कुतरने के मामले सामने आए हैं. घटना अस्पताल के मनोरोग विभाग के वार्ड से जुड़ी है. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने वार्ड को खाली करवा लिया है. यहां के रोगियों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है. एमडीएम अस्पताल के मनोरोग विभाग के वार्ड में भर्ती मरीजों को चूहों द्वारा कुतर लिए जाने की एक सप्ताह के भीतर ही तीन से चार घटनाएं हो चुकी हैं.

एमडीएम अस्पताल में चूहों द्वारा मरीजों के काट खाने के ये पहले मामले नहीं है. इससे पहले भी जोधपुर के इस अस्पताल में मरीजों को चूहों के कुतरने के मामले सामने आ चुके हैं. मनोरोग विभाग के इस वार्ड में भर्ती मरीज और उनके परिजन अब चूहों से खौफ खाने लग गए हैं. वार्ड में चूहों की तादाद कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है. बीते एक सप्ताह ऐसे तीन से चार मामले सामने आ चुके हैं जिनमें मरीजों के पांवों के अंगूठों को चूहों ने काट खाया.

अस्पताल अधीक्षक ने स्वीकारा अस्पताल में चूहे हैं
अस्पताल और वार्ड में चूहों का घूमना और मरीज के बेड तक पहुंचकर उन्हें काट लेना व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है. ऐसा नहीं है कि अस्पताल प्रशासन इसे नकार रहा है. लेकिन इसके साथ ही वह अपनी बेबसी भी दिखा रहा है. मथुरादास माथुर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित के अनुसार अस्पताल में चूहे हैं. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता.

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राजस्थान पेस्ट कंट्रोल एजेंसी को ठेका भी दे रखा है
डॉ. पुरोहित के अनुसार चूहों को कंट्रोल करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने राजस्थान पेस्ट कंट्रोल एजेंसी को ठेका भी दे रखा है. उसका नियमित भुगतान भी किया जाता है. आवश्यकता होने पर ठेका फर्म को इस बारे में सावचेत भी किया जाता है. लेकिन मनोरोग विभाग में चूहे मारने की दवा डालना जोखिम भरा है. नए मामले सामने आने के बाद वार्ड से रोगियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है. अब चूहे मारने की दवा छिड़कने के बाद उन मरीजों को इसमें शिफ्ट किया जाएगा.

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