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डॉक्टर ने छीनी मौत से बच्ची की सांसें, हार नहीं मानी, सीपीआर देकर किया जिंदा

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डॉक्टर ने छीनी मौत से बच्ची की सांसें, हार नहीं मानी, सीपीआर देकर किया जिंदा

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हाइलाइट्स

सिरोही के शिवगंज की रहने वाली है मासूम
रात को सोते समय किसी जीव ने काट लिया था
शिवगंज अस्पताल ने किया मृत घोषित और सिरोही में जी उठी

प्रतीक सोलंकी.

सिरोही. राजस्थान के सिरोही (Sirohi) जिला अस्पताल के एक डॉक्टर ने अपने पेशे के प्रति जबर्दस्त समर्पण भाव दिखाते हुए मौत से मासूम बच्ची की सांसें वापस छीन ली. इस मासूम बच्ची को रात को सोते समय किसी जीव जंतु ने काट लिया था. उसके बाद उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. लेकिन पिता का मन नहीं माना और वह उसे लेकर सिरोही के ट्रोमा अस्पताल पहुंचा. वहां डॉक्टर ने तुरंत प्रभाव से बच्ची को सीपीआर (CPR) देना शुरू किया. डॉक्टर के अथक प्रयासों से महज कुछ मिनटों बाद बच्ची की सांसें लौट आई.

जानकारी के अनुसार शिवगंज की रहने वाली 10 वर्षीय सीता को बीते शुक्रवार रात को अपने घर के बरामदे में सो रही थी. उसी दौरान सोते वक्त किसी जीव जंतु उसको काट लिया था. उसके बाद मासूम बच्ची की छाती में दर्द होने लगा. उसने इस बारे में अपने पिता को बताया. देखते ही देखते बच्ची के मुंह से झाग आने लगे.

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डॉक्टर सुरेश ने बताया बच्ची हालत शुक्रवार रात तीन बाद खराब होना शुरू हुई थी. संभवतया किसी जहरीले जानवर या जीव जंतु के काटने से बच्ची की तबीयत बिगड़ी थी.

ईसीजी भी नकारात्मक परिणाम दे गई
यह देखकर घबराया हुआ पिता उसे तुरंत शिवगंज के सरकारी हॉस्पिटल में ले गया. वहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया. लेकिन पिता को इस पर विश्वास नहीं हुआ. वह हाथोंहाथ बेटी को लेकर सिरोही के सरकारी अस्पताल दौड़ा. वहां ट्रोमा सेंटर में मासूम बच्ची की ईसीजी करवाई गई. लेकिन ईसीजी भी नकारात्मक परिणाम दे गई. यह देखकर सिरोही के सरकारी हॉस्पिटल में तैनात डॉक्टर सुरेश में बच्ची को तुरंत प्रभाव से सीपीआर देना शुरू किया.

सीता को उदयपुर रेफर किया
महज चंद मिनटों में 10 वर्षीय सीता की धड़कन शुरू हो गई. यह देखकर डॉक्टर और मासूम के पिता के चेहरे पर मुस्कान दौड़ गई. उसके बाद डॉक्टर ने बच्ची के ट्रोमा सेंटर में सभी जांचें करवाई. बच्ची को सांसें लौटाने वाले डॉक्टर सुरेश का कहना है कि उसे जब यहां लाया गया था तो उसकी धड़कन भी नहीं थी और सांसें भी नहीं थी. लेकिन बाद में उसे इंजेक्शन लगाकर सीपीआर दिया गया तो धड़कन और सांसें दोनों लौट आई. अभी बच्ची उपचाराधीन है.
सिरोही में आईसीयू नहीं होने के कारण बाद में उसे उदयपुर के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है. बच्ची के पिता और परिजन डॉक्टर का धन्यवाद करते हुए नहीं थक रहे हैं. बच्ची अब स्वस्थ बताई जा रही है.

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