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Indian Tourist Arrest in Turkey: तुर्की पुलिस ने भारतीय टूरिस्ट को हिरासत में लिया क्योंकि उसने अपने यूट्यूब चैनल पर तुर्की के बारे में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए थे. वीडियो में वह तुर्की की महिलाओं को हिंदी मे…और पढ़ें
भारतीय टूरिस्ट को तुर्की में किया गया गिरफ्तार.
हाइलाइट्स
- तुर्की में भारतीय टूरिस्ट गिरफ्तार.
- यूट्यूब पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप.
- महिलाओं को हिंदी में गाली देने पर हुई गिरफ्तारी.
अंकारा. तुर्की पुलिस ने एक भारतीय टूरिस्ट को हिरासत में लिया है क्योंकि उसने अपने यूट्यूब चैनल मलिक स्वैशबकलर पर तुर्की के बारे में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए थे. उसे तुर्की की महिलाओं को हिंदी में गाली देते हुए पकड़ा गया. दरअसल, शख्स को लगा कि वह जो कह रहा है, उसे वहां पर महिलाएं नहीं समझ सकेंगी. वीडियो ने सोशल मीडिया पर हंगामा खड़ा कर दिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
यह घटना ऐसे समय में सामने आई, जबकि भारत और तुर्की संबंध नाजुक दौर से गुजर रहे हैं. दरअसल, तुर्की ने राष्ट्रपति एर्दोगन के नेतृत्व में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की सैन्य आक्रामकता का समर्थन किया है, जिससे भारत और तुर्की में रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं.
तुर्की ने ना केवल इस्लामाबाद का समर्थन किया, बल्कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या का बदला लेने के लिए शुरू किए गए भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की निंदा भी की. इतना ही नहीं, भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने जिन ड्रोनों का इस्तेमाल किया था, वे भी तुर्की से मंगाए गए थे. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन अटैक को असफल कर दिया था.
इसके बाद तुर्की के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में नौ हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं प्रदान करने वाली सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी.
एर्दोगन के शासनकाल में तुर्की धर्मनिरपेक्ष और पश्चिमी समर्थक लोकतंत्र से इस्लामवादी की तरफ बढ़ा है. पिछले कुछ सप्ताह में इस्लामाबाद को अंकारा के सैन्य, राजनयिक और मीडिया समर्थन ने भारत के साथ तनाव के बीच आग में घी डालने का काम किया है.
पहलगाम हमले के कुछ घंटे बाद एर्दोगन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी. यह हमला पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रॉक्सी ग्रुप द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने किया था. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी एर्दोगन ने पाकिस्तान के साथ एकजुटता दिखाई थी और भारत के हवाई हमलों की निंदा की थी.
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें
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