Thursday, April 3, 2025
Google search engine
HomeWorldनेपाल में कौन बनेगा प्रधानमंत्री... राजनीतिक संकट जारी, आज खत्म हो रही...

नेपाल में कौन बनेगा प्रधानमंत्री… राजनीतिक संकट जारी, आज खत्म हो रही राष्ट्रपति की दी हुई डेडलाइन


काठमांडू: नेपाल में नए प्रधानमंत्री पद के लिए सहमति नहीं बन सकी है। राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने सभी पार्टियों को प्रधानमंत्री पद के लिए दावा पेश करने को कहा था। इसके लिए बाकायदा रविवार तक की डेडलाइन दी गई थी। इसके बावजूद नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन और केपी शर्मा ओली की पार्टी वाले गठबंधन ने अभी तक दावा पेश नहीं किया है। नेपाली कांग्रेस ने चुनाव बाद ही बहुमत का ऐलान किया था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वर्तमान प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस और पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व वाले सीपीएन माओवादी सेंटर के बीच सत्ता साझेदारी पर गंभीर बातचीत हो रही है।

प्रचंड को प्रधानमंत्री नहीं चाहती नेपाली कांग्रेस
दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि जल्द ही सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया जाएगा। दोनों नेता गठबंधन के भीतर सत्ता बंटवारे को लेकर आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच पुष्प कुमार दहल प्रचंड ने देउबा के सामने आधे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री बनने की शर्त भी रखी है। प्रचंड ने कुछ दिनों पहले देउबा से इस मुद्दे को लेकर मुलाकात भी की थी। प्रचंड के प्रधानमंत्री बनने को लेकर नेपाली कांग्रेस में विरोध से सुर हैं। पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता प्रचंड को प्रधानमंत्री नहीं देखना चाहते हैं।

ओली ने भी प्रचंड से शुरू की बातचीत
इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भी अपने गठबंधन को बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी है। ऐसी खबरें हैं कि उनकी पार्टी सीपीएन-यूएमएल प्रचंड की पार्टी सीपीएन-माओवादी के साथ बातचीत कर रही है। प्रचंड ने भी नेपाली कांग्रेस के नेता और प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से जल्द फैसला लेने को कहा है। अगर पीएम देउबा तैयार नहीं होते हैं तो नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-माओवादी का गठबंधन भी टूट सकता है। इस बीच ओली की पार्टी ने कहा है कि वे नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-माओवादी दोनों के साथ बातचीत कर रहे हैं।

नेपाल में बहुमत के लिए 138 सीटों की जरूरत
किसी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत के लिए 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 138 सीट की जरूरत है। लेकिन किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में सीट नहीं है। सत्तारूढ़ गठबंधन के पास सीट सदन में बहुमत के आंकड़े के आसपास है, लेकिन अब भी इस बारे में फैसला नहीं हुआ है कि मंत्रिमंडल का नेतृत्व कौन करेगा।

नेपाली कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
देउबा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस (एनसी) नवंबर में हुए चुनाव में 89 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। सत्तारूढ़ गठबंधन के अन्य सहयोगियों ने मिलकर 47 सीट हासिल की है। इनमें सीपीएन-माओइस्ट सेंटर (32), सीपीएन-यूनिफाइड सोशलिस्ट (10), लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (4) और राष्ट्रीय जनमोर्चा का एक सदस्य है। नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने भी सरकार गठन में नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व वाले पांच दलों के गठबंधन को समर्थन देने की पेशकश की है। 20 नवंबर को हुए चुनाव में आरएसपी 20 सीट के साथ चौथी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments