Home National पश्चिम बंगाल में हर 6 में से 1 किशोरी गर्भवती, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

पश्चिम बंगाल में हर 6 में से 1 किशोरी गर्भवती, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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पश्चिम बंगाल में हर 6 में से 1 किशोरी गर्भवती, स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर जारी एक रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल मातृमा पर जारी रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की हर छह में से एक किशोरी गर्भवती है. किशोरावस्था में मां बनना जच्चा और बच्चा दोनों के लिए जोखिम भरा होता है. इससे न सिर्फ शिशु बल्कि मां के लिए भी परेशानी खड़ी हो सकती है. ऐसी स्थिति में मृत अवस्था में शिशु का जन्म हो सकता है. इसके साथ ही साथ एक्लम्पसिया और एनीमिया के कारण मां और बच्चे दोनों की जान को भी खतरा होता है. इस स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चिंता जतायी है.

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-20 में बताया गया है कि बंगाल में 15 से 19 वर्ष की उम्र में शहरी क्षेत्रों में 8.5 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 19.6 फीसदी लड़कियां मां बन गयी थीं या गर्भवती थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में लगभग 17 फीसदी किशोरियां गर्भवती हैं, जबकि गर्भवती महिलाओं की संख्या सिर्फ चार फीसदी ही है. शादी की कानूनी उम्र 18 साल है हालांकि कम उम्र में मां बनने के चलते लड़कियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जच्चा-बच्चा की जान को लेकर जोखिम कम करने के लिए गर्भावस्था के वक्त मां की न्यूनतम उम्र 21 साल होनी चाहिए.

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किशोर मांओं को होता है ज्यादा जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर मांओं को गर्भावस्था के समय स्वास्थ्य का जोखिम ज्यादा होता है और प्रसव के दौरान उन्हें जीवन-मृत्यु जैसे खतरे का सामना करना पड़ता है. ऐसी मांओं के बच्चों को जन्म के समय कम वजन, समय से पहले जन्म और नवजात को अन्य जटिलताओं का खतरा रहता है. रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2022 में राज्य में चार लाख किशोर दंपति थे. पिछले हफ्ते एक बैठक के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों को इस वर्ग की काउंसिलिंग करने का निर्देश दिया गया. साथ ही जोड़ों को गर्भ निरोधक का उपयोग करने के लिए राजी करने को कहा गया है.

हालांकि राज्य में पिछले साल की तुलना में गर्भ निरोधक के इस्तेमाल में 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. जनवरी 2022 में केवल 50% किशोर जोड़े गर्भ निरोधक का उपयोग करते थे. जनवरी 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 55% हो गया है. स्वास्थ्य भवन अब किशोर गर्भावस्था को कम करने के लिए परामर्श के माध्यम से पहल को और जोर देना चाहता है.

Tags: Kolkata, Pregnant, Pregnant Women, West bengal

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