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पाकिस्तान की कंगाल सरकार इस इमारत का टैक्स तक नहीं भर पा रही थी। यह बिल्डिंग वॉशिंगटन के प्रसिद्ध आर स्ट्रीट पर है और इसके लिए तीन दावेदार मिले थे। साल 2018 में इसका राजनयिक दर्जा भी खत्म कर दिया गया था। इस इमारत का रखरखाव भी सही से नहीं किया गया था जिसकी वजह से स्थानीय सरकार ने इस रहने के लिए असुरक्षित और रहने के लिहाज से खतरनाक घोषित कर दिया था। इस इमारत में ही एक समय में पाकिस्तानी दूतावास हुआ करता था।
पाकिस्तान को आईएमएफ ने दिया लोन
अमेरिका में पाकिस्तान सरकार अपनी कई प्रॉपर्टी को बेच रही है। इससे पहले पाकिस्तान ने अमेरिका में अपने न्यूयॉर्क स्थित रुजवेल्ट होटल को लीज पर दिया था। इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने घोषणा की है कि उसके कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान के लिए तीन अरब डॉलर के बेलआउट कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है। इससे नकदी के संकट से जूझ रहे देश को मदद के लिए 1.2 अरब डॉलर तुरंत दे दिए जाएंगे।
डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार देर रात जारी एक बयान में, आईएमएफ ने कहा, ‘आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने पाकिस्तान को सहयोग के लिए लगभग 3 अरब डॉलर या कोटा का 111 प्रतिशत की राशि के लिए नौ महीने की स्टैंड-बाय व्यवस्था (एसबीए) को मंजूरी दे दी है।’ ‘एक कठिन बाहरी वातावरण, विनाशकारी बाढ़ और गलत नीतियों के कारण देश में राजकोषीय घाटे, मुद्रास्फीति के साथ विदेशी मुद्रा में भारी कमी आई है।’ बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार इस घोषणा के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के प्रयासों में बेलआउट एक बड़ा कदम है।
पाकिस्तान को यूएई और सऊदी से भी मदद
उन्होंने कहा, ‘यह तात्कालिक से मध्यम अवधि की आर्थिक चुनौतियों से उबरने में पाकिस्तान की मदद करेगा और आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा।’ इस सप्ताह की शुरुआत में, पाकिस्तान को सऊदी अरब से 2 बिलियन डॉलर और संयुक्त अरब अमीरात से 1 बिलियन डॉलर की फंडिंग भी मिली। पाकिस्तान की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था के साथ गंभीर दीर्घकालिक मुद्दों से निपटने के तरीके पर आठ महीने की कठिन बातचीत के बाद आईएमएफ के साथ समझौता हुआ। संकटग्रस्त पाकिस्तान कर्जदाताओं के कर्ज चुकाने में असमर्थ होने के कगार पर है।
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