Home World यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, बढ़ाएंगे पुतिन की ताकत?

यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, बढ़ाएंगे पुतिन की ताकत?

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यूक्रेन युद्ध के बीच रूस पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, बढ़ाएंगे पुतिन की ताकत?

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मॉस्को : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सोमवार को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे। उम्मीद जताई जा रही है कि वह यूक्रेन युद्ध में एक संभावित शांतिदूत के रूप में बीजिंग की भूमिका पर जोर दे सकते हैं। दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पश्चिमी दबाव के जवाब में उनसे समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं। बीते शुक्रवार को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुतिन से हाथ मिलाने वाले जिनपिंग पहले वैश्विक नेता हैं। आईसीसी ने यूक्रेन युद्ध के बाद से बच्चों के अवैध निर्वासन के लिए पुतिन की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं।

शी जिनपिंग सोमवार को तीन दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे हैं। जिनपिंग रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक करेंगे। रूस-यूक्रेन में जारी युद्ध के बीच जिनपिंग-पुतिन के बीच होने वाली इस बैठक को अहम माना जा रहा है। चीन और रूस ने जिनपिंग की यात्रा को दोनों देशों की मित्रता को और प्रगाढ़ करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में बताया है। क्रेमलिन ने यूक्रेन के लिए चीन की शांति योजना का स्वागत किया है और कहा है कि इसमें पुतिन और जिनपिंग के बीच वार्ता के दौरान चर्चा की जाएगी।

डिनर के बाद शुरू होगी मीटिंग

दोनों राष्ट्रपतियों और ‘मित्रों’ के बीच सोमवार को रात्रिभोज के बाद बैठक शुरू होगी। गौरतलब है कि जिनपिंग की रूस यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की ओर से शुक्रवार को युद्ध अपराध के आरोपों में पुतिन की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। हालांकि रूस ने इस वारंट को ‘निष्प्रभावी’ करार दिया है। रूस आईसीसी का सदस्य नहीं है इसलिए उसके कानून रूस में लागू नहीं होते हैं।

पुतिन का साथ देना जिनपिंग के लिए मुश्किल

यूक्रेन युद्ध के बाद जब पूरा पश्चिम रूस के खिलाफ हो गया तब चीन उन देशों में शामिल था जो रूस पर से प्रतिबंध हटा रहा था। हालांकि जिनपिंग के लिए खुलकर पुतिन की मदद करना इतना भी आसान नहीं है। यह चीन और पश्चिमी देशों के बीच तनाव को बढ़ा सकता है। रूस शी जिनपिंग के दौरे को पश्चिम के खिलाफ एक ‘ताकतवर दोस्त के समर्थन’ के रूप में दिखा रहा है। इस महीने राष्ट्रपति के रूप में तीसरा कार्यकाल हासिल करने के बाद यह शी जिनपिंग का पहला विदेशी दौरा है।

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