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कोविड के लिए डब्ल्यूएचओ की टेक्निकल लीड डॉ मारिया वैन ने कहा, ‘यह कुछ महीनों से फैल रहा है। हमने लोगों या आबादी में गंभीरता के स्तर में बदलाव नहीं देखा है। लेकिन स्पाइक प्रोटीन में इसका एक अतिरिक्त म्यूटेशन लैब स्टडी में संक्रामकता में वृद्धि के साथ-साथ संभावित बढ़ी हुई रोगजनकता को दिखाता है।’ विशेषज्ञ बता रहे हैं कि यह वेरिएंट कोरोना के दो वेरिएंट्स से मिलकर बना है। चिंता की बात यह है कि नया स्वरूप इम्यूनिटी के सुरक्षा कवच को भेद सकता है और उन लोगों को संक्रमित कर रहा है जो पहले कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं या कोरोना का टीका लगवा चुके हैं।
क्या हैं लक्षण?
कोरोना के नए वेरिएंट के लक्षण पिछले स्वरूपों से बिल्कुल अलग हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक कोरोना का नया स्वरूप कंजंक्टिवाइटिस (conjunctivitis) या लाल आंखों का कारण बन रहा है, खासकर 12 साल से छोटे बच्चों में। बच्चों को तेज बुखार, खांसी, लाल आंखें, खुजली और आखों से पानी आने की शिकायत हो सकती है। आर्कटुरस के लक्षण एडेनोवायरस जैसे दूसरे वायरस की तरह हो सकते हैं, जो भारत में गर्मी के मौसम में बेहद आम है।
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खतरा अभी टला नहीं है
विशेषज्ञों के अनुसार अन्य लक्षण सिरदर्द, गले में खराश, बंद नाक, बुखार और मांसपेशियों में दर्द हो सकते हैं। यह मरीज के पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है और दस्त (Diarrhoea) का कारण बन सकता है। कोरोना का नया वेरिएंट अत्यधिक संक्रामक हो सकता है। वॉरविक यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर लॉरेंस यंग ने द इंडिपेंडेंट को बताया कि भारत में नए वेरिएंट का मिलना इस बात का संकेत है कि ‘हम अभी खतरे से बाहर नहीं हैं’ और ‘हमें इस पर नजर रखनी होगी।’
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