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हाइलाइट्स
वैशाख अमावस्या की तिथि धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है.
वैशाख अमावस्या को ही साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है.
वैशाख अमावस्या को स्नान के बाद पितरों को जल से तर्पण दें.
इस साल वैशाख अमावस्या 20 अप्रैल दिन गुरुवार को है. वैशाख अमावस्या की तिथि धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है. इस दिन आप 3 ‘महादोष’ से मुक्ति पा सकते हैं. इसके लिए आपको कुछ आसान ज्योतिष उपाय करने होंगे. वैशाख अमावस्या को ही साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है. श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी बता रहे हैं उन तीन महादोष के बारे में, जिनसे मुक्ति का उपाय वैशाख अमावस्या पर करना चाहिए. इन दोषों के कारण व्यक्ति की तरक्की रुक जाती है. सबसे पहले जानते हैं वैशाख अमावस्या की महत्वपूर्ण तिथि के बारे में.
वैशाख अमावस्या तिथि 2023
इस साल वैशाख अमावस्या की तिथि 19 अप्रैल को सुबह 11 बजकर 23 मिनट से 20 अप्रैल को सुबह 09 बजकर 41 मिनट तक है. 20 अप्रैल को सूर्योदय के समय वैशाख अमावस्या तिथि होगी.
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वैशाख अमावस्या पर सूर्य ग्रहण
20 अप्रैल को वैशाख अमावस्या वाले दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है. सूर्य ग्रहण का समय सुबह 07:04 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक है. इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं है क्योंकि यह एक उपच्छाया सूर्य ग्रहण है. ऐसे में आप वैशाख अमावस्या के दिन महादोष से मुक्ति के उपाय सूर्य ग्रहण से पहले या समापन के बाद कर सकते हैं.
वैशाख अमावस्या 2023: 3 ‘महादोष’ से मुक्ति के उपाय
1. शनि दोष, साढ़ेसाती-ढैय्या प्रभाव: वैशाख अमावस्या के अवसर पर दक्षिण भारत में शनि जयंती मनाई जाती है. उस दिन शनि देव का जन्म दिवस है. यदि कुंडली में शनि दोष हो या साढ़ेसाती और ढैय्या की दशा चल रही होती है तो व्यक्ति परेशान रहता है, कार्य में कई प्रकार की दिक्कतें आती है.
ऐसे में आप वैशाख अमावस्या पर शनि देव की विधिपूर्वक पूजा करें. शनि मंदिर में जाकर काला तिल, सरसों का तेल, काला या नीला कपड़ा चढ़ाएं. शनि कवच और शनि चालीसा का पाठ करें. शनि देव से आशीर्वाद लें.
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2. पितृ दोष के उपाय: पितृ दोष को बड़ा दोष माना जाता है, इससे पूरा परिवार परेशान रहता है, घर की तरक्की नहीं हो पाती है, वंश आगे नहीं बढ़ पाता है. ऐसे में वैशाख अमावस्या को स्नान के बाद पितरों को जल से तर्पण दें. पिंडदान करें. अपने पितरों को ध्यान करके उनके लिए दान करें. इससे पितर तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं, जिससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है.
3. कालसर्प दोष उपाय: कुंडली में राहु-केतु का अन्य सात ग्रहों के साथ विशेष स्थिति से कालसर्प दोष बनता है. यह भी आपके कार्यों में बाधाएं उत्पन्न करता है, सफलता मिलनी मुश्किल हो जाती है. ऐसे में आप वैशाख अमावस्या के दिन कालसर्प दोष का उपाय करें.
वैशाख अमावस्या को स्नान के बाद सोने के नाग-नागिन की पूजा करें. फिर उसे जल में प्रवाहित कर दें. इससे लाभ होगा. इसके अलावा आप दोष शांति के लिए भगवान शिव की आराधना करें. शिव कृपा से कालसर्प दोष खत्म हो सकता है.
सर्वार्थ सिद्धि योग में करें उपाय
वैशाख अमावस्या के दिन सुबह 05:51 बजे से ही सर्वार्थ सिद्धि योग बना है. इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं. आपके किए उपाय इन दोषों से मुक्ति दिलाएंगे.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Shani Jayanti, Shanidev, Surya Grahan
FIRST PUBLISHED : April 15, 2023, 09:14 IST
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