Home Life Style वैशाख की दर्श अमावस्या आज, जान लें मुहूर्त और तरक्की के 5 उपाय, सुख-समृद्धि के लिए करें चंद्रमा पूजा

वैशाख की दर्श अमावस्या आज, जान लें मुहूर्त और तरक्की के 5 उपाय, सुख-समृद्धि के लिए करें चंद्रमा पूजा

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वैशाख की दर्श अमावस्या आज, जान लें मुहूर्त और तरक्की के 5 उपाय, सुख-समृद्धि के लिए करें चंद्रमा पूजा

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हाइलाइट्स

दर्श अमावस्या के दिन सुख और समृद्धि के लिए चंद्रमा की पूजा करने का विधान है.
इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता है.

आज 19 अप्रैल को वैशाख मास की दर्श अमावस्या है. दर्श अमावस्या के दिन सुख और समृद्धि के लिए चंद्रमा की पूजा करने का विधान है. इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता है. इसके अलावा दर्श अमावस्या पर पितरों की भी पूजा करते हैं क्योंकि दर्श अमावस्या को पितर पृथ्वी पर अपने वंश को आशीर्वाद देने के लिए आते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है. इस वजह से आज पितृ दोष और देव दोष से मुक्ति के उपाय करते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं दर्श अमावस्या की ति​थि, पूजा विधि और उपाय.

वैशाख दर्श अमावस्या 2023 तिथि मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि आज 19 अप्रैल को दिन में 11 बजकर 23 मिनट से लग रही है. इस तिथि का समापन कल 20 अप्रैल को सुबह 09 बजकर 41 मिनट पर होगा. आज वैशाख की दर्श अमावस्या है.

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दर्श अमावस्या पर तरक्की के उपाय
1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दर्श अमावस्या पर चंद्रमा की पूजा जिस भी मनोकामना से करते हैं, वह पूर्ण होती है क्योंकि चंद देव सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना को सुनते हैं. ऐसे में आज रात आप अपने परिवार के सुख और समृद्धि के लिए चंद्र देव की पूजा करें. दूध, जल, अक्षत् और सफेद फूल से चंद्रमा को अर्घ्य दें.

2. दर्श अमावस्या को पितर पृथ्वी पर आते हैं, इसलिए आज अमावस्या तिथि में स्नान करने के बाद पितरों को जल से तर्पण दें. उनके लिए पिंडदान, पंचबलि कर्म, दान आदि कर सकते हैं. पितरो के आशीर्वाद से घर परिवार की तरक्की होती है.

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3. आज दर्श अमावस्या को पीपल या बरगद के पेड़ की पूजा करने का विधान है. उसकी जड़ को जल तथा कच्चे दूध से सींचते हैं. फिर शाम के समय में तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं. इससे देव गण प्रसन्न होते हैं.

4. दर्श अमावस्या को दक्षिण दिशा में यम और पितरों के लिए दीपक जलाया जाता है. यम को दीप अर्पित करने से मृत्यु का भय दूर होता है. पितरों के लिए 16 दीप दान करते हैं. इससे पितर प्रसन्न होते हैं और उनको नरक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है.

5. दर्श अमावस्या पर पितरों के पंसद का भोजन बनाते हैं. गाय को हरा चारा खिलाते हैं, कौआ को भोजन का अंश देते हैं. इस कार्य से पितर प्रसन्न होते हैं. वे अपने वंश को सुखमय जीवन का आशीष देते हैं

Tags: Astrology, Dharma Aastha

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