Home National संसद की सुरक्षा चूक पर बयान दें गृह मंत्री शाह, विपक्ष ने कसा शिकंजा; खरगे का सभापति धनखड़ को पत्र

संसद की सुरक्षा चूक पर बयान दें गृह मंत्री शाह, विपक्ष ने कसा शिकंजा; खरगे का सभापति धनखड़ को पत्र

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संसद की सुरक्षा चूक पर बयान दें गृह मंत्री शाह, विपक्ष ने कसा शिकंजा; खरगे का सभापति धनखड़ को पत्र

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बुधवार को लोकसभा की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहा है। इस मांग के बीच चौदह विपक्षी सदस्यों को गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ने अनियंत्रित व्यवहार के लिए निलंबित कर दिया। इनमें कांग्रेस के 9, सीपीआईएम के 2, डीएमके के 2 और सीपीआई के एक विधायक शामिल हैं। आसन के आदेश की बार-बार अवहेलना को लेकर तृणमूल कांग्रेस सदस्य डेरेक ओब्रायन के खिलाफ एक प्रस्ताव विशेषााधिकार समिति को भेजा गया और उसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखा है। राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष खरगे ने संसद भवन में कल हुए सुरक्षा उल्लंघन पर राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखा है। 

उन्होंने अपने पत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की है। खरगे ने लिखा, “संसद की सुरक्षा का उल्लंघन हाल के दिनों में एक बहुत ही गंभीर मामला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संसद में INDIA दलों के नेताओं के परामर्श से मैं इस विचार पर पहुंचा हूं कि यह मामला इतना महत्वपूर्ण है कि इसे राज्यसभा के नियमों और प्रक्रिया के नियम 267 के तहत उठाया जाना चाहिए।” खरगे ने आगे लिखा, “इसके अलावा, जब तक गृह मंत्री इस मामले पर बयान नहीं देते और उसके बाद नियम 267 के तहत चर्चा नहीं होती, तब तक इस मामले को किसी अन्य तरीके से सुलझाने के लिए सदन में कोई अन्य कार्य करने या यहां तक कि किसी बैठक का कोई मतलब नहीं है।”

विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद की सुरक्षा में चूक के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को एक बैठक की और सरकार से आग्रह किया इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए तथा दोनों सदनों में इस पर चर्चा कराई जाए। इन नेताओं की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई। खरगे सहित कई कांग्रेस सांसदों ने सदन के अन्य सभी कार्यों को अलग रखते हुए इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा दोनों में कार्य स्थगन का नोटिस दिया। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया, वहीं पार्टी सांसद और राज्यसभा में सचेतक नासिर हुसैन ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत उच्च सदन में समान कार्य स्थगन नोटिस दिया। पार्टी की एक अन्य सांसद जेबी माथेर हीशम ने भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया।

इस बैठक के बाद खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘संसद और सांसदों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष और ‘इंडिया’ के घटक दलों की ओर से हम मांग करते हैं कि इस गंभीर मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री एक बयान दें और उसके बाद इस संबंध में चर्चा की जाए।’’ उन्होंने कहा कि संसद की सुरक्षा के लिए तत्काल जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

गृह मंत्री से बयान की मांग

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के नेताओं ने संसद की सुरक्षा में चूक के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को एक बैठक की और सरकार से आग्रह किया इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह विस्तृत बयान दें तथा दोनों सदनों में इस विषय पर चर्चा कराई जाए। विपक्षी दलों की यह भी मांग है कि लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूदने वाले व्यक्ति को पास दिलाने के लिए अनुशंसा करने वाले भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों की मांग है कि दोनों सदनों में गृह मंत्री एक विस्तृत बयान दें, जिसके बाद चर्चा हो। सदन में घुसने वालों को आगंतुक श्रेणी का पास मुहैया कराने वाले भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।’’ उनका यह भी कहना है, ‘‘मोदी सरकार द्वारा इन पूरी तरह से वैध और उचित मांगों को स्वीकार करने से इनकार करने के कारण आज सुबह लोकसभा और राज्यसभा की बैठक में कामकाज नहीं हो पाया।’’

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