Home Health स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से अंधे होने का खतरा? गंगाराम के डॉक्टर तुषार ग्रोवर ने बताई हकीकत, अभी जान लें

स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से अंधे होने का खतरा? गंगाराम के डॉक्टर तुषार ग्रोवर ने बताई हकीकत, अभी जान लें

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स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से अंधे होने का खतरा? गंगाराम के डॉक्टर तुषार ग्रोवर ने बताई हकीकत, अभी जान लें

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हाइलाइट्स

स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम की समस्या हो सकती है.
अंधेरे में स्क्रीन देखने से आंखों में ब्लू लाइट ज्यादा जाती है, जो नुकसानदायक होती है.

Smartphone Harmful Effects on Eyes: सोशल मीडिया पर इस वक्त हैदराबाद की एक युवती का मामला खूब वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि उसने स्मार्टफोन का लंबे समय तक अत्यधिक इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से उसकी आंखों की रोशनी टेंपरेरी तौर पर चली गई. यह पोस्ट अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर सुधीर कुमार ने अपने ट्विटर पर शेयर की थी, जिसमें इस घटना का जिक्र किया था. यह पोस्ट अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है. हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल अंधेपन (Blindness) की वजह बन सकता है. स्क्रीन से आंखों को किस तरह नुकसान होता है. इन सभी सवालों के जवाब एक्सपर्ट से जान लेते हैं.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के ऑप्थाल्मोलॉजी डिपार्टमेंट के कंसल्टेंट डॉ. तुषार ग्रोवर कहते हैं कि आंखों पर स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से काफी असर पड़ता है. इससे आंख की मसल्स स्ट्रेन रहती हैं और आंखों में दर्द, सिर दर्द, ड्राइनेस व विजन ब्लर की समस्या हो सकती है. लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने के दौरान लोग पलक नहीं झपकाते, जिसकी वजह से आंखों की हेल्थ प्रभावित होती है और ड्राइनेस की समस्या हो जाती है. इससे आंखों में चुभन, जलन, ब्लर विज़न और ब्लरिंग की समस्या भी हो सकती है. लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने से आईसाइट पर असर पड़ता है और लाइट सेंसटिविटी बढ़ जाती है. आजकल यह समस्या तेजी से बढ़ रही है.

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स्मार्टफोन का ज्यादा इस्तेमाल कर सकता है अंधा?

डॉ. तुषार ग्रोवर के मुताबिक अभी तक ऐसा कोई मामला या शोध सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जाए कि स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से कोई टेंपररी या परमानेंटली अंधा (Blind) हो सकता है. स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल से विजन में डिस्टरबेंस हो सकता है और आईसाइट की क्वालिटी खराब हो सकती है, लेकिन यह कहना गलत होगा कि स्क्रीन के इस्तेमाल से परमानेंट ब्लाइंडनेस की समस्या हो सकती है. स्मार्टफोन से इंपेयरमेंट ऑफ विज़न की परेशानी हो सकती है, जिसे लोग टेंपरेरी ब्लाइंडनेस समझ लेते हैं. स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल की वजह से स्मार्टफोन विजन सिंड्रोम की परेशानी हो सकती है, जिसमें आंखों में दर्द, जलन, हैवीनेस और ड्राईनेस महसूस होती है. कई बार चीजों पर फोकस करने में दिक्कत आती है.

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अंधेरे में स्मार्टफोन चलाना ज्यादा खतरनाक

डॉक्टर की मानें तो रात के वक्त अंधेरे में स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे आंखों पर ज्यादा असर पड़ता है और ज्यादा लाइट आंखों के अंदर चली जाती है. इससे आंखों की पुतली प्रभावित होने के अलावा स्लीप साइकल पर भी बुरा असर पड़ता है. कई बार स्क्रीन यूज करने की वजह से आपकी बॉडी का खराब पोश्चर बिगड़ जाता है, जो बैक पेन और गले में दर्द का कारण बनता है. ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. आप अपने फोन में ब्लू लाइट फिल्टर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

स्क्रीन से आंखों को ऐसे रखें सुरक्षित

– थोड़ी-थोड़ी देर बाद स्क्रीन से ब्रेक लें
– रूम की लाइटिंग ठीक होनी चाहिए
– अंधेरे में स्क्रीन नहीं देखनी चाहिए
– स्क्रीन की ब्राइटनेस ज्यादा ना हो
– स्क्रीन को आंखों के पास ना रखें
– अपने पोश्चर को हमेशा ठीक रखें
– खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें

Tags: Eyes, Health, Lifestyle, Trending news

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