Home World स्‍वीडन में फिर जलाई गई कुरान, संसद के सामने हुई घटना, OIC ने की आलोचना

स्‍वीडन में फिर जलाई गई कुरान, संसद के सामने हुई घटना, OIC ने की आलोचना

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स्‍वीडन में फिर जलाई गई कुरान, संसद के सामने हुई घटना, OIC ने की आलोचना

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स्टॉकहोम. स्‍वीडन (Sweden) की संसद के बाहर सोमवार को 2 प्रदर्शनकारियों ने कुरान (Quran) के पन्‍ने फाड़े और उन्‍हें जला दिया. यह हाल के दिनों में तीसरी घटना है. इससे पहले स्‍वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने ऐसी घटनाओं पर चिंता जाहिर की थी. उन्‍होंने कहा था कि ऐसे प्रदर्शन के लिए यहां की पुलिस की अनुमति जरूरी होती है; लेकिन ऐसा करने वाले प्रदर्शनकारी स्‍वीडन का टार्गेट बना रहे हैं. इधर, कुरान के बार-बार अपमान किए जाने पर इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने कड़ी आलोचना की है. उसने स्‍वीडन से इन घटनाओं पर विचार करने का आह्वान किया है.

एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक सलवान मोमिका और सलवान नजेम ने संसद के बाहर पवित्र कुरान का अपमान किया. मोमिका एक ईसाई इराकी शरणार्थी है. इन दोनों प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले ईद-उल-अजहा के मौके पर स्टॉकहोम की ग्रैंड मस्जिद के बाहर कुरान की प्रति जलाई थी. उस समय भी मुस्लिम देशों ने आपत्ति जताई थी और कई देशों में लोगों ने प्रदर्शन किया था. मुस्लिम देशों में स्वीडिश दूतावास के सामने भी प्रदर्शन किए गए थे.

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इस तरह के प्रदर्शन की अनुमति मांगी जा रही
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के हवाले से टीटी न्यूज एजेंसी ने कहा था कि इस तरह के प्रदर्शनों की लगातार अनुमति मांगी जा रही है. देश के कानून के अनुसार स्वीडिश पुलिस किसी भी प्रदर्शन को तभी मना कर सकती है, जब उसी तरह के प्रदर्शन में पहले सार्वजनिक गड़बड़ी हुई हो. उन्होंने यह भी कहा कि बोलने की स्वतंत्रता का अधिकार संविधान से मिलता है.

OIC के प्रधान सचिव हुसैन इब्राहिम ताहा बोले- इन पर विचार करें 
OIC के प्रधान सचिव हुसैन इब्राहिम ताहा ने कहा है कि ऐसी घटनाओं पर स्‍वीडन को मुद्दे की गंभीरता का विचार करना चाहिए. उन्‍होंने OIC के देशों के साथ संबंधों पर पड़ने वाले असर के बारे में सोचने को कहा है.

Tags: OIC, Quran

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